सरगुजा और कोरिया में आंगनबाड़ी,शिक्षक नौकरी के नाम पर ठगी, लाखों की ठगी करने वाला आरोपी को धर दबोचा : Fraud in Sarguja and Korea Under the Guise of Anganwadi and Teaching Jobs

Uday Diwakar
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Fraud in Sarguja and Korea Under the Guise of Anganwadi and Teaching Jobs: सरगुजा:​​​अंबिकापुर/कोरिया।छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले और कोरिया जिले में आंगनबाड़ी व शिक्षक भर्ती के नाम पर तीन महिलाओं से लाखों रुपये ठगने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह मामला महिलाओं की बेरोजगारी का फायदा उठाकर नौकरी का झांसा देने का है। स्थानीय पुलिस की तत्परता से आरोपी फरार होने से पहले पकड़ा गया।

मुख्य आरोपी, सरगुजा थाना क्षेत्र का रहने वाला रमेश सिंह (बदला हुआ नाम), ने खुद को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जुड़ा अधिकारी बताकर पीड़ित महिलाओं को फंसाया। उसने दावा किया कि आंगनबाड़ी सहायिका और शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।


पीड़ितों में समाग की दो महिलाएं और कोरिया जिले की एक महिला शामिल हैं। प्रत्येक से 50-70 हजार रुपये वसूले गए। कुल ठगी की राशि 2.5 लाख से अधिक बताई जा रही है। आरोपी ने नकली दस्तावेज, फर्जी लेटरहेड और व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर भरोसा जीता।
पहले पीड़ित ने 20 हजार का “रजिस्ट्रेशन फीस” दिया, फिर चयन सूची में नाम आने का बहाना बनाकर अतिरिक्त रकम मांगी। जब पैसे ट्रांसफर हो गए, तो आरोपी फोन बंद कर फरार हो गया। अन्य पीड़ितों ने भी यही शिकायत दर्ज की।

पीड़ितों ने सरगुजा थाने और कोरिया पुलिस को शिकायत दी। दोनों जिलों की पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। आरोपी के मोबाइल लोकेशन और बैंक ट्रांजेक्शन से उसकी सरगुजा के एक गांव में छिपने की जानकारी मिली।

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रात विशेष टीम ने छापा मारा। आरोपी के पास से नकली दस्तावेज, दो स्मार्टफोन, बैंक पासबुक और 80 हजार नकद बरामद हुए। पूछताछ में उसने 10 से अधिक महिलाओं को निशाना बनाने की बात स्वीकारी। पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के तहत केस दर्ज किया, कोरिया पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले भी छोटे-मोटे फ्रॉड का संदिग्ध रहा है। अब अन्य जिलों में भी इसकी तलाश तेज कर दी गई है।

Fraud in Sarguja and Korea Under the Guise of Anganwadi and Teaching Jobs

पीड़ित महिलाएं गरीब परिवारों से हैं। एक ने बताया, “पति की बीमारी से घर की स्थिति खराब थी, नौकरी मिलने की उम्मीद में सारा कमाया धन दे दिया।” दूसरी ने आंगनबाड़ी पद के लिए दो साल से प्रयासरत होने की बात कही। ठगी की जानकारी मिलने पर परिवार टूट गए।
स्थानीय प्रशासन ने पीड़ितों को सहायता राशि देने और कानूनी मदद का भरोसा दिया। महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए।

प्रशासन ऑनलाइन कैंप लगाकर जागरूक कर रहा। पीड़ितों को रिफंड के लिए कोर्ट जाएंगे। यह गिरफ्तारी ठगों को संदेश देगी। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम तेज होंगे।

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