बिहार चुनाव पर छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव की प्रतिक्रिया: रुझानों ने बदला राजनीतिक समीकरण : Former Chhattisgarh Deputy CM TS Singh Deo reacts on Bihar elections

Uday Diwakar
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  • महिला और युवा वोट: महिला मतदाता निर्णायक बने; युवाओं में भी एनडीए का असर साफ दिखा।
  • ग्रामीण वोटर: गांवों में सरकारी योजनाओं, खासकर महिला सशक्तिकरण और कल्याण योजनाओं का असर प्रमुखता से नजर आया।

Former Chhattisgarh Deputy CM TS Singh Deo reacts on Bihar elections: सरगुजा:​​​अंबिकापुर।बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने न सिर्फ राज्य बल्कि देशभर के राजनीतिक परिदृश्य में गहरी हलचल पैदा कर दी है। एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस) को मिले भारी बहुमत पर छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव की प्रतिक्रिया खासा ध्यान खींचने वाली रही। सिंहदेव ने कहा कि मतदान से लेकर नतीजों तक हर पल मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांचक बना रहा, लेकिन अंतिम परिणामों ने अधिकांश आकलन को पलट दिया।

सिंहदेव ने माना कि चुनाव प्रचार के दौरान गजब की प्रतिस्पर्धा दिखी। एनडीए और इंडिया (I.N.D.I.A.) गठबंधन में कई बार समीकरण बदलते दिखे। शुरुआती रुझानों में कभी एनडीए तो कभी इंडिया गठबंधन आगे चलता नजर आया। लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, एनडीए ने निर्णायक बढ़त बना ली। सिंहदेव ने कहा—
“किसी को भी ऐसे भारी जनादेश की उम्मीद नहीं थी, हालांकि चुनाव की प्रकृति ही अप्रत्याशित परिणाम पसंद करती है।”

महिला वोट बैंक बना गेमचेंजर

टीएस सिंहदेव के मुताबिक, एनडीए को मिले व्यापक जनादेश के पीछे महिला वोट बैंक का बड़ा हाथ रहा। सिंहदेव ने साफ कहा कि महिलाओं के खातों में ₹10,000 जमा करने जैसी योजनाओं ने चुनावी समीकरण बदल दिया।
“सरकार की ओर से महिलाओं को सीधे आर्थिक लाभ पहुंचाया गया, जिसका चुनाव परिणामों पर जबरदस्त असर दिखा,” सिंहदेव ने जोड़ा।
उन्होंने कहा कि सामाजिक कल्याण योजनाओं की स्वीकार्यता, खासकर ग्रामीण और पिछड़े तबकों में, एनडीए के पक्ष में गई।

टीएस सिंहदेव ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा, “एक दशक से अधिक समय तक मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालना और फिर दसवीं बार जीतना ऐतिहासिक है। बिहार की जनता ने विकास और स्थिरता के लिए एनडीए व नीतीश कुमार पर भरोसा जताया है।”

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उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने कांग्रेस, भाजपा एवं राजद—तीनों प्रमुख दलों के साथ अलग-अलग सरकारें चलाकर अपने नेतृत्व की विश्वसनीयता स्थापित की है।
“जनता को महसूस हुआ कि यह संभवतः नीतीश कुमार का अंतिम चुनाव है, और उनकी विश्वसनीयता एनडीए के पक्ष में गई,” सिंहदेव ने कहा।

रुझानों में कसा मुकाबला, लेकिन परिणामों में महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) को गहरी निराशा मिली। सिंहदेव ने कहा—
“मौजूदा परिस्थितियां कांग्रेस पार्टी के अनुकूल नहीं हैं, लेकिन गठबंधन बनाकर जम्मू-कश्मीर और झारखंड जैसे राज्यों में सफलता मिली है। आने वाले वक्त में केरल और तमिलनाडु में भी पार्टी के अच्छे प्रदर्शन की संभावना है।”

सिंहदेव ने गठबंधन की रणनीतियों पर विचार करने के संकेत दिए, साथ ही राजद और कांग्रेस की अंकुशात्मक भूमिका को भी स्वीकार किया।

“बिहार का जनादेश हैरान करने वाला”

मुख्य परिणाम देखे जाएं तो बिहार की 243 सीटों में एनडीए को 202, महागठबंधन (इंडिया) को लगभग 50 और अन्य को मात्र 4 सीटें मिलीं। भाजपा और जदयू दोनों का स्ट्राइक रेट 85% से अधिक रहा।
सिंहदेव के शब्दों में, “यह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, जन समर्थन का अप्रत्याशित विस्फोट है—ऐसा जनादेश आधुनिक बिहार के लिए ऐतिहासिक है।”

Former Chhattisgarh Deputy CM TS Singh Deo reacts on Bihar elections

सिंहदेव ने विपक्षी दलों को भी सलाह दी कि वे अपने सामाजिक और चुनावी एजेंडे को नए सिरे से परिभाषित करें। उन्होंने कहा—
“जनता का रुझान समझना सबसे बड़ी चुनौती है। सोशल मीडिया, जमीनी स्तर की रणनीति और आर्थिक-सामाजिक योजनाएँ तय करती हैं कि समीकरण किस ओर झुकेंगे।”

टीएस सिंहदेव की इस प्रतिक्रिया ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों के व्यापक प्रभाव को उजागर किया है। उनका कहना है कि महिला सशक्तिकरण, कल्याणकारी योजनाएँ और नीतीश कुमार की विश्वसनीय नेतृत्व शैली इस निर्णायक जनादेश के पीछे मुख्य वजह बनीं। विपक्ष के लिए यह नतीजे आत्ममंथन का मौका हैं—आगे की चुनावी राजनीति के लिए यकीनन नया पाठ दे रहे हैं।

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