रोमांचक सरगुजा फुटबॉल फाइनल कल , ट्राइबल टाइगर और सरगुजा 11 की भिड़ंत पर टिकी खेलप्रेमियों की नज़र : Exciting Surguja football final tomorrow

Uday Diwakar
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Exciting Surguja football final tomorrow: सरगुजा:अम्बिकापुर। सरगुजा संभाग का सबसे बड़ा खेल महाकुंभ माने जाने वाला नॉकआउट कम लीग फुटबॉल टूर्नामेंट अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। इस प्रतियोगिता के दौरान दर्जनों टीमों ने मैदान पर अपना परचम लहराया, लेकिन अब केवल दो टीमें—ट्राइबल टाइगर अंबिकापुर और सरगुजा 11 अंबिकापुर—फाइनल में जगह बनाने में सफल रही हैं। इन दोनों टीमों की भिड़ंत का ऐतिहासिक पल कल यानी मंगलवार, 30 सितंबर को अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में दोपहर 2:30 बजे से देखने को मिलेगा।

रोमांच से भरा रहा पूरे टूर्नामेंट का सफर

यह प्रतियोगिता फुटबॉल प्रेमियों के लिए बेहद खास रही है क्योंकि शुरुआत से ही इसमें कई रोमांचक मैच देखने को मिले। नॉकआउट और लीग चरण में खिलाड़ियों ने अपनी शानदार फिटनेस, बेहतर खेल समझ और टीम भावना का परिचय दिया। कई मुकाबले आखिरी मिनट तक कड़ी टक्कर में फंसे रहे। स्ट्राइकरों की एक के बाद एक जोरदार किक, गोलकीपर की जबरदस्त बचाव और डिफेंस लाइन की चतुराई ने दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखा।

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Exciting Surguja football final tomorrow

फाइनल में जगह बनाने वाली पहली टीम ट्राइबल टाइगर अंबिकापुर ने इस पूरे टूर्नामेंट में अपने आक्रामक खेल से सबको प्रभावित किया है। उनके स्ट्राइकरों की तेजी और मिडफील्डरों की पासिंग तकनीक ने विरोधियों को अक्सर बैकफुट पर धकेला। चार नॉकआउट मैचों में ट्राइबल टाइगर ने 15 से ज्यादा गोल किए, जो उनके अटैकिंग अंदाज की झलक है। टीम के कप्तान और मुख्य स्ट्राइकर विक्रम सिंह उर्फ़ विक्की ने सबसे ज्यादा गोल दागे हैं और उन्हें इस बार का गोल्डन बूट कंटेंडर माना जा रहा है।

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दूसरी ओर, सरगुजा 11 अंबिकापुर ने अपनी मजबूत डिफेंस और सामूहिक खेल के बल पर फाइनल तक पहुंच बनाई। इस टीम ने पूरे टूर्नामेंट में डिफेंस की दीवार खड़ी करके सिर्फ 3 गोल ही खाने दिए, जबकि अपनी रणनीतिक काउंटर अटैक से विरोधियों को चौंकाया। इस टीम के गोलकीपर राहुल तिर्की ने सेमीफाइनल में चार शानदार बचाव करके टीम को जीत दिलाई। वहीं मिडफील्ड के खिलाड़ी लगातार बॉल पजेशन बनाए रखते हैं, जिससे टीम को मैच का रफ्तार नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

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कल होने वाले इस फाइनल मुकाबले को लेकर अंबिकापुर में जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है। हर गली-कूचे में फुटबॉल मैच की चर्चा है। टिकट काउंटर पर भीड़ है और कई दर्शक सोशल मीडिया पर लगातार अपनी-अपनी टीमों के समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं। स्टेडियम के आसपास के दुकानदारों और होटल व्यवसायियों के चेहरों पर भी रौनक है क्योंकि बाहर से भी बड़ी संख्या में लोग इस मैच को देखने पहुंच रहे हैं।

इस मैच से जुड़ा एक भावनात्मक पहलू भी है। दोनों टीमें अंबिकापुर की ही हैं, इसलिए पूरा शहर दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। एक ओर सरगुजा 11 के समर्थक गूंज रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ट्राइबल टाइगर के फैन अपने नारे लगा रहे हैं।
कॉलेज स्टूडेंट विकास का कहना है, “हम सब ट्राइबल टाइगर के साथ हैं। उनका खेल बेहद शानदार और तेज होता है। इस बार खिताब उन्हीं का होगा।”
दूसरी ओर व्यवसायी अजय गुप्ता कहते हैं, “सरगुजा 11 का अनुशासन और डिफेंस बेहतरीन है। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और मुझे भरोसा है कि यही टीम जीत का ताज अपने सिर सजाएगी।”

फाइनल मैच के लिए आयोजकों ने पूरी तैयारियां कर ली हैं।

  • मैच का संचालन औपचारिक उद्घाटन समारोह के साथ होगा, जिसमें स्थानीय कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे।
  • स्टेडियम में दर्शकों की भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा।
  • स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी।
  • पूरे स्टेडियम परिसर को रोशनियों और बैनरों से सजाया गया है, जिससे हर जगह एक उत्सव जैसा माहौल होगा।

सीनियर कोच रामनारायण का कहना है, “फाइनल में जीत सिर्फ गोल करने पर नहीं, बल्कि संयम और फिटनेस पर निर्भर करेगी। दोनों टीमें बराबरी की हैं। निर्णायक पल वही होगा जब कोई छोटी-सी गलती एक टीम को जीत से दूर कर दे।”

इस टूर्नामेंट ने एक और बड़ा योगदान दिया है – फुटबॉल को सरगुजा और खासकर अंबिकापुर में नई पहचान दिलाना। क्रिकेट के बढ़ते दबदबे के बीच फुटबॉल की लोकप्रियता बरकरार रखना आसान नहीं था, लेकिन इस प्रतियोगिता ने युवाओं के दिलों में फिर से फुटबॉल के प्रति जुनून जगा दिया है। स्पोर्ट्स टीचरों का मानना है कि ऐसी प्रतियोगिताएं ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देती हैं और उन्हें बड़े स्तर पर खेलने का मौका मिलता है।

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इस तरह के आयोजन केवल खेल तक सीमित नहीं रहते, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और समाज पर भी असर डालते हैं। होटल और रेस्टोरेंट्स की बुकिंग बढ़ी है। फुटबॉल जर्सी और झंडे बेचने वाले दुकानदारों की बिक्री में उछाल आया है। वहीं, शहर का सांस्कृतिक माहौल भी खेल भावना से सराबोर है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी उम्र वर्गों के लोग इस महा मुकाबले को देखने बेताब हैं।

कल का फाइनल केवल एक खेल प्रतियोगिता भर नहीं बल्कि एक जंग होगी, जहां रणनीति, संयम और जुनून की टक्कर होगी। स्टेडियम में उपस्थित दर्शक हर किक, हर पास और हर गोल पर सांस थामकर देखेंगे। अंतिम सीटी बजने से पहले यह कहना मुश्किल होगा कि कौन विजेता बनकर उभरेगा।

नतीजे का इंतजार

अब सबकी निगाहें गांधी स्टेडियम पर टिकी हैं। मंगलवार दोपहर 2:30 बजे यह तय होगा कि 2025 का सरगुजा फुटबॉल चैंपियन कौन बनेगा – तेज तर्रार ट्राइबल टाइगर अंबिकापुर या अनुशासित सरगुजा 11 अंबिकापुर

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