अंबिकापुर में EOW-ACB की संयुक्त छापेमारी: DMF और आबकारी घोटाले से जुड़े 20 ठिकानों पर कार्रवाई : EOW-ACB joint raid in Ambikapur

Uday Diwakar
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EOW-ACB joint raid in Ambikapur: सरगुजा:​​​अंबिकापुर।​छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 23 नवंबर 2025 को सुबह-सुबह राज्य के अलग-अलग जिलों में एक बड़े अभियान के तहत कुल 20 ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का मकसद आबकारी विभाग और जिला खनिज निधि (DMF) से जुड़े घोटाले की जांच को और तीव्र करना बताया गया है। कार्रवाई में रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा, अंबिकापुर, कोंडागांव समेत कई प्रमुख शहर शामिल हैं।

रायपुर से शुरू होकर यह अभियान बिलासपुर, अंबिकापुर, कोंडागांव और सरगुजा तक फैला हुआ था। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों, सप्लायरों, कारोबारियों और संबंधित व्यक्तियों के कई आवासों व कार्यालयों को निशाना बनाया गया। खासकर अंबिकापुर और सरगुजा में पशु चिकित्सक डॉ. तनवीर अहमद और सप्लायर अमित अग्रवाल के ठिकानों पर दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय कागजों की तलाशी की गई।

DMF और आबकारी घोटाले का मामला

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ED (अपराध जांच निदेशालय) की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने धारा 420, 120-B के तहत केस दर्ज किया है। जांच के अनुसार, DMF फंड के टेंडरों में प्रमुख अधिकारी और नेता ठेकेदारों से कमीशन वसूलते थे, जिसकी राशि 25% से 40% के बीच बताई जा रही है। इस घोटाले में कथित तौर पर फर्जी फर्में, नकली दस्तावेज, अवैध लेन-देन और करीब 76.50 लाख रुपये कैश की बरामदगी हुई है।

रायपुर टीम ने पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के आवास पर भी दस्तावेजों की जांच शुरू की। उसी तरह कारोबारी हरपाल अरोरा के आवास पर भी वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की गई। बिलासपुर में अशोक टुटेजा के नाम से भी छापेमारी हुई, जिनका नाम शराब घोटाले में सामने आया था। इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्य और कई अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी आरोपी बनाया जा चुका है।

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तलाशी के दौरान कई डिजिटल उपकरण, बैंक के रिकॉर्ड, फर्जी इकाईयों के दस्तावेज, नकद राशि, संपत्ति कागजात और वित्तीय लेन-देन के प्रमाण बरामद किए गए हैं। इस पूरे मामले की जाँच अभी जारी है और कई बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं।

यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। 29 अक्टूबर 2025 को भी DMF घोटाले के संदिग्धों के 14 ठिकानों पर रेड हुई थी, जिसमें कई सप्लायरों और एजेंसियों से महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड मिले थे। इस बार की बड़ी कार्रवाई को इसी जांच का अगला कदम माना जा रहा है।

EOW-ACB joint raid in Ambikapur

यह पटाक्षेपिक कार्रवाई छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक माहौल में बड़ा तूफान ला सकती है। इस कार्रवाई से प्रकट होता है कि भ्रष्टाचार के मामलों में राज्य सरकार और जांच एजेंसियां किस तरह गंभीर हैं। जनता इस कार्रवाई पर खासा ध्यान दे रही है क्योंकि इससे शासकीय संसाधनों के दुरुपयोग की जड़ें उजागर हो सकती हैं।​

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