ठेका प्रथा समाप्त करने व समायोजन के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने केबिनेट मंत्री को सौंपा ज्ञापन : Ending the Contract System and Adjustment in Surajpur

Uday Diwakar
2 Min Read

Ending the Contract System and Adjustment in Surajpur: सूरजपुर :राज्य परियोजना कार्यालय के शासकीय स्कूलों में काम करने वाले व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने छत्तीसगढ़ नवीन व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ के तहत अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ केबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के घर जाकर ठेका प्रथा बंद करने और शिक्षा विभाग में स्थायी नौकरी देने की मांग की।

image 123

Ending the Contract System and Adjustment in Surajpur

सूरजपुर और सरगुजा जिले से आए प्रशिक्षकों ने बताया कि ठेका प्रथा के कारण हर साल लगभग 4.5 करोड़ रुपये एजेंसियों को कमीशन के रूप में चले जाते हैं। अगर इसे बंद कर दिया जाए, तो इसका फायदा सीधे प्रशिक्षकों को मिलेगा।

- Advertisement -
Website Designer in AmbikapurWebsite Designer in Ambikapur

image 124

संघ के जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार प्रजापति के नेतृत्व में प्रशिक्षकों ने वेतन बढ़ाने, मातृत्व अवकाश देने जैसे सुविधाओं की भी मांग की, खासकर महिला प्रशिक्षकों के लिए मातृत्व अवकाश की कमी को मंत्री के सामने रखा। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने उनकी बात ध्यान से सुनी और मुख्य मंत्री से इस मामले को जल्द हल करने का वादा किया। इस मौके पर संघ के संभाग अध्यक्ष द्रोणी डहरे, विजय राठौर, गणेश कश्यप सहित कई प्रशिक्षक मौजूद थे।

प्रशिक्षकों का उद्देश्य ठेका प्रथा समाप्त करके सरकार में स्थायी रूप से नौकरी पाना है, जिससे उन्हें बेहतर वेतन और सुविधाएँ मिलें। मंत्री की सकारात्मक प्रतिक्रिया से प्रशिक्षकों को उम्मीद जगी।

यह आंदोलन छत्तीसगढ़ में व्यावसायिक प्रशिक्षकों की स्थायी नियुक्ति और उनके अधिकारों के लिए हो रहा है, जिसमें वे ठेका प्रथा बंद करने और बेहतर वेतन व सुविधाएँ देने की मांग कर रहे हैं। सरकार से इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाने की उम्मीद की जा रही है।

यह भी पढ़ें- 21वीं सदी के कौशल विकास हेतु राजीव गांधी महाविद्यालय और मुहिम फाउंडेशन के बीच सहयोग

Share This Article
Leave a Comment