Elderly couple brutally murdered in Darima: सरगुजा:दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता घाघी में बुजुर्ग दंपति रीमा राम लकड़ा (52) और उनकी पत्नी उर्मिला लकड़ा (50) की निर्मम हत्या की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। यह वारदात रात घटी, जब दोनों आरोपी—करीमन मझवार और जय श्याम मझवार—घर में ठहरे और बकरी चोरी की नीयत से सो रहे दंपति की कुल्हाड़ी के बट से वार कर हत्या कर दी। आरोपियों ने वारदात के बाद सात बकरियां भी चोरी कर लीं और घर का दरवाजा बाहर से बंद कर फरार हो गए।
नी:संतान दंपति अपने घर में बकरी पालन और खेती से जीवनयापन कर रहे थे। घटना वाली रात आरोपी दोनों का घर पहुंचे और सुलाने का बहाना किया। जैसे ही दंपति अपने परछी में सो गए, रात लगभग दो बजे दोनों ने कुल्हाड़ी के बट से सिर पर वार कर उनका जीवन खत्म कर दिया। इस दौरान उनके घर में बंधी सात बकरियां भी आरोपी ले गए। हत्या के बाद आरोपी गांव के एक अन्य घर में जाकर सोए और सुबह उसी घर में बकरे को पकाकर खाया भी गया।
सुबह जब गांव का एक व्यक्ति काम के सिलसिले में बुलाने रीमा राम के घर पहुंचा, तो दरवाजा बाहर से बंद मिला। भीतर झांकने पर दंपति के शव खून से लथपथ मिले। ग्रामीणों ने रीमा राम के भाई को बुलाया, जो पास ही घर में रहते हैं। सूचना मिलते ही दरिमा थाना प्रभारी राजेश खलखो अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और अंबिकापुर से फारेंसिक टीम बुलाकर जांच शुरू की। दंपति के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे—आशंका थी कि किसी वजनी वस्तु, खासकर कुल्हाड़ी के बट से हमला किया गया है।
पुलिस ने तत्काल जांच गति दी और साइबर सेल की मदद से दोनों आरोपियों का लोकेशन ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दो लोहे की टांगी और चोरी गई बकरियों को भी बरामद किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि करीमन मझवार मृतक रीमा राम का परिचित था व घर में अक्सर आना-जाना करता था। उसे पता था कि दंपति बकरियों को पालते हैं। घटना रात करीब 11 बजे हुई, जब दोनों आरोपी रात बिताने के नाम पर घर पहुंचे, और फिर परछी में सो गए। रात के दुसरे पहर में दोनों ने पहले उर्मिला के सिर पर वार किया, फिर रीमा राम का जीवन भी खत्म कर दिया। हत्या के बाद दोनों ने घर की सात बकरियां, जिनके गले में घंटी बंधी थी, आरोपी उतारकर ले गए।
दरिमा थाना एवं साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई से दोनों आरोपी चंद घंटों में धर लिया गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में टीम ने न केवल आरोपियों को पकड़ा, बल्कि उनके पास से चोरी गई बकरियां और टांगी भी बरामद की। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
सुबह से ही इलाके में भय और आक्रोश का माहौल रहा। ग्रामीणों के मुताबिक, दंपति बेहद सरल और मिलनसार थे। उनके घर पर अक्सर करीमन मझवार का आना-जाना था, जिसकी वजह से किसी को शक नहीं हुआ। गृहस्थी बर्बाद होने के बाद गांव के लोगों ने मृतकों के अंतिम संस्कार में शामिल होकर इंसाफ की मांग उठाई। इस घटना ने गांव के सामान्य जीवन को गहरा सदमा पहुंचाया।
Elderly couple brutally murdered in Darima
अंबिकापुर से विशेष फॉरेंसिक टीम प्रभात भगत की अगुवाई में मौके पर पहुंची और खून के नमूने, हथियार के निशान, मृतकों की जगह और संदिग्ध पैरों के निशान जुटाए। जांच में साफ हुआ कि हत्या बकरी चोरी के उद्देश्य से हुई थी। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन ट्रेस और सीसीटीवी फुटेज का प्रयोग कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
सरगुजा जिले के इस घटना ने समाज में भय पैदा किया है कि छोटे-मोटे लालच में अपनों की भी जान चली जाती है। ग्रामीण समाज में गृहस्थी और जानवरों के चोरी-हत्या के मामले अब चिंता का गंभीर कारण बन रहे हैं। पुलिस ने जागरूकता अभियान शुरू किया है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचा जा सके।
सार्वजनिक रूप से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने सराहना की कि पुलिस व साइबर सेल की टीम ने घटना का खुलासा तेजी से किया। संयुक्त कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। प्रशासन ने मृतकों के परिवार को मदद और सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

दरिमा थाना क्षेत्र के कुम्हरता घाघी गांव में बुजुर्ग दंपति की हत्या के पीछे महज़ बकरी चोरी की लालच थी। पुलिस की त्वरित जांच, फारेंसिक तकनीक और साइबर सेल की मदद से कुछ ही घंटों में सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर दिया गया। इस घटना ने सरगुजा जिले ही नहीं बल्कि पूरे इलाके में अपराधियों के हौसले और समाज की संवेदना दोनों को चुनौती दी है। पुलिस की सतर्कता से आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सका है, लेकिन ग्रामीण समाज में अब पशुधन सुरक्षा और मानवता को सुरक्षित रखने की दिशा में सशक्त कदम उठाने की जरूरत है।
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