Digital innovation in Surguja Range Police: सरगुजा: सरगुजा रेंज पुलिस ने आधुनिक तकनीक के युग में जनसंपर्क को और सशक्त व प्रभावी बनाने के लिए एक नई डिजिटल पहल की है। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दीपक कुमार झा द्वारा बुधवार को एक डिजिटल क्यूआर स्कैनर कोड लॉन्च किया गया, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को पुलिस से संवाद के लिए सीधा, सरल और पारदर्शी माध्यम उपलब्ध कराना है।
आईजी दीपक कुमार झा ने इस डिजिटल क्यूआर कोड का शुभारंभ सरगुजा पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर (सरगुजा भवन) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान किया। इस अवसर पर सरगुजा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों, नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल समेत जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक के समुचित उपयोग को बढ़ावा देना रहा।
आईजी दीपक कुमार झा ने बताया कि इस क्यूआर स्कैनर कोड का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को पुलिसिंग व्यवस्था पर फीडबैक, सुझाव और शिकायतें दर्ज करवाने के लिए एक सहज और प्रभावी डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करना है। इसके माध्यम से लोग अपने मोबाइल फोन का उपयोग कर थाने, चौकियों, सार्वजनिक स्थलों पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे अपनी राय पुलिस तक पहुँचा सकेंगे।
अब किसी भी नागरिक के पास समस्या, सुझाव या अनुभव साझा करने के लिए थाने-कोर्ट के चक्कर लगाने या अधिकारी का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होगी। शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों के लोग यह सुविधा आसानी से उपयोग कर सकेंगे।
यह पहल सामान्य शिकायत बॉक्स की तुलना में अधिक प्रभावशाली इसलिए है क्योंकि प्राप्त फीडबैक को स्वयं आईजी दीपक कुमार झा मॉनिटर करेंगे। इससे नागरिकों द्वारा दी गई सूचना, सुझाव या शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाही सुनिश्चित की जा सकेगी। यह कार्यप्रणाली पुलिस के व्यवहार, जनसेवा, कार्यशैली और जवाबदेही को और बेहतर बनाने की दिशा में प्रभावशाली कदम है।
Digital innovation in Surguja Range Police
आईजी झा ने अपने संबोधन में बताया कि आज अधिकांश लोगों के पास स्मार्टफोन है और डिजिटल संवाद साधारण होता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सुविधा विकसित की गई है, जिससे पुलिसिंग में आम लोग भी भागीदारी निभा सकें। नागरिकों को अपनी समस्याएँ, राय, अनुभव और सुझाव साझा करने का सरल अवसर मिलेगा, जिससे पारदर्शिता और नागरिक-पुलिस संबंधों में मजबूती आएगी।
जिला मुख्यालय, थाने-चौकियों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इस सुविधा को लगाने की योजना है, ताकि नागरिक जब चाहें, कहीं से भी अपनी प्रतिक्रिया भेज सकें। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि गाँवों के लोग भी इस नई व्यवस्था से जुड़ सकें।
इस डिजिटल पहल से आमजन का पुलिस पर विश्वास और संवाद दोनों मजबूत होंगे। सक्रिय भागीदारी से पुलिसिंग व्यवस्था में केवल शिकायत निवारण ही नहीं होगा, बल्कि सामुदायिक सुरक्षा, निगरानी और अपराध नियंत्रण के नए स्तर स्थापित होंगे। तकनीक आधारित संवाद व्यवस्था से पुलिस की पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
सरगुजा रेंज में शुरू हुई यह पहल पूरे छत्तीसगढ़ के लिए मिसाल बन सकती है। तकनीकी युग में डिजिटल संवाद की यह व्यवस्था न केवल पारदर्शी प्रशासन बल्कि जनसंवाद, उत्तरदायित्व और सुशासन का उदाहरण भी है। इस पहल की सफलता के बाद राज्य के अन्य जिलों में भी इसे लागू करने की संभावना जताई जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान आईजी दीपक कुमार झा ने पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील, जवाबदेह और सेवा भावना से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों सहित अन्य अफसरों ने अभियान की सराहना करते हुए जनता से सहयोग और संवाद को बढ़ाने की अपील की।
सार्वजनिक व्यवस्था, ट्रैफिक, लॉ एंड ऑर्डर, महिला सुरक्षा जैसे विषयों पर आम लोग सुझाव व शिकायतें सीधे आईजी को प्रेषित कर सकते हैं। तकनीकी समाधान से संवाद सरल होगा और जनहित में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
सरगुजा रेंज पुलिस का डिजिटल क्यूआर स्कैनर कोड डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस और स्मार्ट पुलिसिंग की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पुलिस का व्यवहार, प्रशासनिक प्रणाली और समाज सेवा एक नए दौर में प्रवेश कर रही है और नागरिक सहभागिता का एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
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