इंदौर में रिटायर्ड प्रिंसिपल से लगभग डेढ़ करोड़ की साइबर ठगी, शेयर मार्केट में तगड़े मुनाफे का झांसा दिया : Cyber ​​Fraud Retired Principal in Indore

Uday Diwakar
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Cyber ​​Fraud Retired Principal in Indore : महाराष्ट्र मध्यप्रदेश : महाराष्ट्र के भंडारा जिला में एक ऐसी न्यूज़ आई है जिसमें लगभग एक करोड़ 70 लाख 45 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी हुई है इसमें बताया जा रहा है कि एक रिटायर्ड प्रिंसिपल है जो की 84 वर्ष के सीनियर सिटीजन है।

और यह रिटायर्ड हो चुके हैं और साइबर अपराध के झांसे में पढ़ चुके हैं और इसे एक करोड़ 70 लाख 45 हजार रुपए ठगी कर ली गई है यह महाराष्ट्र के भंडारा में स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के स्कूल में प्रिंसिपल थे और रिटायर्ड हो चुके हैं।

और आपको बता दें कि 84 वर्षीय सीनियर सिटीजन भंडारा महाराष्ट्र स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के स्कूल में प्रिंसिपल और कोठारी कॉलेज इंदौर में प्रोफेसर रहे हैं उन्होंने बताया कि मुझे एक करोड़ 70 लाख 45 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली गई है और आर्यन आनंद के नाम से कॉल लगाया था ।

उसने ट्रेनिंग वाला फर्जी ग्रुप में मुझे जोड़ा इस ग्रुप के सदस्य निवेश मुनाफे की चर्चा करते थे और जो पैसा हम जमा करेंगे उसको लाखों रुपए की और इस ग्रुप में निवेश करने को सिखाया जाता था और जो भी निवेश करता था उनके लाखों रुपए की स्क्रीनशॉट स्लिप को इस ग्रुप में भेजा जाता था।

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Cyber ​​Fraud Retired Principal in Indore: ऐप इंस्टॉल करवाया

साइबर अपराधी शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए अप का लिंक stock.mscl-vip.top भेजा और इंस्टॉल करवाया और एक करोड़ 70 लाख 45 हजार रुपए जमा करवा दिए और तगड़ा मुनाफा का झांसा दिया गया जिसके वजह से प्रिंसिपल ने भी पैसा जमा कर दिया और तगड़ा लालच में आ गए और साइबर अपराधी के जाल मेंफंस गए।

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Cyber ​​Fraud Retired Principal in Indore

उसके बाद बैंक अकाउंट को फ्रिज करवा दिया गया और ठगी करने वाले ने अलग-अलग बहाने बनाएं अंत में नंबर बंद कर दिए और प्रिंसिपल साहब ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की और इस प्रकार से ठगी की सूचना मिली उसके बाद तत्काल जिस अकाउंट में पैसा भेजा गया था उनके अकाउंट को फ्रिज करवा दिया गया साइबर हेल्पलाइन द्वारा और उसे खाता नंबर की जानकारी निकाली जा रही है ।

और जो प्रिंसिपल साहब ने ग्रुप में स्क्रीनशॉट शेयर की थी उसकी जांच की जा रही है इस प्रकार से जो ग्रुप में जुड़े थे प्रिंसिपल साहब उसमें बहुत सारे पेमेंट के स्क्रीनशॉट भेजे जाते थे और जो व्यक्ति उसे स्क्रीनशॉट को भेजता था वह भी उसे ठगी करने वाले के साथ ही थे ऐसा अभी तक पता लगाया जा चुका है।

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