crackdown on Ambikapur prostitution racket: सरगुजा:अंबिकापुर। अंबिकापुर शहर में लंबे समय से फल-फूल रहा देह व्यापार का काला कारोबार अब सरगुजा पुलिस की सख्ती के चपेट में आ गया है। गांधीनगर थाना क्षेत्र के एक किराए के रूम में गोरखधंधा चलाने वाले गिरोह के दो प्रमुख सदस्यों को पुलिस ने दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमार अभियान का हिस्सा है, जिसमें कुल 12 सदस्यों को अब तक धर दबोचा गया है। लगातार चल रहे इस अभियान से गिरोह के सदस्यों में हड़कंप मच गया है, और बाकी फरार सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।
गांधीनगर थाना प्रभारी को रात गुप्त सूचना मिली कि थाना क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में किराए के रूम में देह व्यापार का धंधा जोरों पर चल रहा है। सूचना में बताया गया कि रूम को बाहर से सामान्य दिखाया जाता था, लेकिन अंदर महिलाओं को जबरन रखकर ग्राहकों से कमीशन वसूला जा रहा था। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर रूम में दबिश दे दी। छापेमारी के दौरान रूम से दो पुरुष सदस्य – गिरोह के कथित सरगना रामू (बदला नाम, 35) और उसका साथी श्यामू (बदला नाम, 28) – को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
रूम की तलाशी में संदिग्ध मोबाइल फोन, नकदी की बड़ी राशि (लगभग 25,000 रुपये), और कुछ दस्तावेज बरामद हुए, जो गिरोह के नेटवर्क को उजागर करते हैं। दोनों आरोपी स्थानीय निवासी हैं और पिछले छह माह से इस धंधे में सक्रिय बताए जा रहे हैं। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे शहर के अन्य इलाकों जैसे उदयपुर रोड और रेलवे स्टेशन के पास भी इसी तरह के रूम चला रहे थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
यह गिरफ्तारी सरगुजा पुलिस के विशेष अभियान ‘शील वाहिनी’ का हिस्सा है, जो पिछले तीन माह से चल रहा है। इस अभियान में अंबिकापुर के अलग-अलग इलाकों – गांधीनगर, उदयपुरपुर, महावीर वार्ड और रेलवे क्षेत्र – में छापेमार कार्रवाई की गई। कुल 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से आठ पिछले सप्ताह पकड़े गए थे। पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने बताया, “शहर में देह व्यापार के गिरोह लंबे समय से सक्रिय थे। गुप्त सूचनाओं के आधार पर हमारी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। यह गिरोह महिलाओं को गरीबी का लालच देकर लाता था और जबरन धंधे में धकेलता था।”
अभियान के दौरान पकड़े गए अन्य सदस्यों में महिलाएं भी शामिल हैं, जो ग्राहकों को लाने का काम करती थीं। पुलिस को शक है कि यह गिरोह जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों तक फैला हुआ था। फरार सदस्यों की संख्या चार बताई जा रही है, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं। एसपी ने कहा, “हमारी नजर पूरे गिरोह पर है। कोई भी सदस्य बच नहीं पाएगा।”
अंबिकापुर जैसे छोटे शहर में देह व्यापार का यह नेटवर्क सामाजिक समस्या का रूप ले चुका था। स्थानीय निवासियों ने कई बार शिकायत की थी कि रात के समय संदिग्ध गतिविधियां बढ़ जाती हैं। किराए के रूमों को ढाबों या लॉज के रूप में इस्तेमाल कर धंधा चलाया जाता था। विशेषज्ञों का मानना है कि गरीबी, बेरोजगारी और प्रवासी मजदूरों की मौजूदगी ने इस कारोबार को पनपने का मौका दिया। महिला आयोग की स्थानीय सदस्य मीरा साहू ने कहा, “ऐसी कार्रवाइयों का स्वागत है। लेकिन महिलाओं के पुनर्वास पर भी ध्यान देना होगा।”
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए सदस्यों से पूछताछ में बड़े राज खुल रहे हैं। गिरोह का मासिक टर्नओवर लाखों में था, और कमीशन सिस्टम पर चलता था। एक ग्राहक से 500 से 2000 रुपये तक वसूला जाता था। अब पुलिस साइबर सेल की मदद से मोबाइल डेटा खंगाल रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
crackdown on Ambikapur prostitution racket
सरगुजा पुलिस अब थानों पर विशेष हेल्पलाइन नंबर शुरू करने की योजना बना रही है, जहां लोग गुप्त रूप से ऐसी सूचनाएं दे सकें। एसपी अग्रवाल ने अपील की, “नागरिक सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधि देखें तो तुरंत सूचना दें। हमारा अभियान जारी रहेगा।” जिला प्रशासन ने भी इस मुद्दे पर बैठक बुलाई है, जिसमें एनजीओ और सामाजिक संगठनों को शामिल किया जाएगा।
यह कार्रवाई न केवल कानून-व्यवस्था मजबूत करेगी, बल्कि शहर की छवि को भी सुधारेंगी। अंबिकापुरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि सरगुजा पुलिस इस तरह के अपराधों पर पूरी तरह लगाम लगा देगी।
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