CP Radhakrishnan became the 15th Vice President of the country: नई दिल्ली। भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के तौर पर सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को शपथ ग्रहण कर ली है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान उन्हें उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। इस महत्वपूर्ण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ नेता और मंत्रिगण उपस्थित रहे।
CP Radhakrishnan became the 15th Vice President of the country
शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी मौजूद थे। यह पहली बार था जब उन्होंने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खरगे समेत अन्य विपक्षी नेता भी समारोह में उपस्थित थे। हालांकि, कांग्रेसी नेता राहुल गांधी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सके क्योंकि वे गुजरात दौरे पर थे।
उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्णन ने विपक्ष के उम्मीदवार और पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को भारी मतों से हराया था। कुल 452 मत हासिल करने वाले राधाकृष्णन ने 300 मत प्राप्त सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों के अंतर से स्पष्ट रूप से हराया। इस चुनाव में 781 प्रभावी सांसदों ने मतदान किया, जिसमें से 768 ने ईमानदारी से भाग लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीपी राधाकृष्णन को हार्दिक बधाई दी और कहा कि वे देश के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शपथ ग्रहण के बाद उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने राज्यसभा के सभी नेताओं के साथ एक बैठक की, जिसमें उन्होंने राज्यसभा के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी संभालने के उद्देश्य से अपनी प्राथमिकताएं बताईं।
सीपी राधाकृष्णन महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भी रह चुके हैं और उन्हें एक कुशल प्रशासक के रूप में जाना जाता है। उपराष्ट्रपति पद के साथ ही वे राज्यसभा के सभापति भी होंगे, जो भारतीय संसद में दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि उपराष्ट्रपति भारत के लोकतंत्र की मजबूती में एक महत्वपूर्ण pillar हैं। उन्होंने राधाकृष्णन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे भारतीय संविधान की रक्षा करते हुए देश की प्रगति में योगदान देंगे।
शपथ ग्रहण समारोह में संसद के दोनों सदनों के सदस्य, तीनों सेनाओं के प्रमुख और विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। यह कार्यक्रम देश के लोकतंत्र की ताकत और राजनीतिक एकता का प्रतीक माना गया।
इस समारोह में सभी नेताओं ने नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति को उनके उच्च पद के लिए बधाई दी और आने वाले समय में देश की सेवा के लिए शुभकामनाएं प्रदान कीं। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद, सीपी राधाकृष्णन ने संसद के सदस्यों से मुलाकात कर संवाद शुरू कर दिया।
सीपी राधाकृष्णन का चुनाव एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना रही क्योंकि उन्होंने गठबंधन उम्मीदवार को भारी अंतर से हराया। यह साबित करता है कि उन्हें व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है और वे अपने कार्यकाल में राज्यसभा के कुशल संचालन के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी कहा कि देश की सुरक्षा और लोकतंत्र के विकास में उपराष्ट्रपति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राधाकृष्णन इस भूमिका को समर्पित भाव से निभाएंगे।
इस तरह, देश के एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने दायित्वों की शपथ ग्रहण की है, जिसके साथ ही वे भारत की संसद की उच्चतम सहायक संस्था की अध्यक्षता करेंगे और लोकतंत्र की सेवा में जुटेंगे।
देशभर में इस कार्यक्रम को लोकतंत्र की जीत और राजनीतिक स्थिरता के रूप में देखा जा रहा है। सभी राजनीतिक दलों ने इस अवसर पर एकजुटता दिखाई और नए उपराष्ट्रपति के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
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