कालेज छात्रा से कांस्टेबल ने किया रेप, शिकायत के बाद भी दर्ज नहीं हुई रिपोर्ट : Constable raped a college student in Balrampur

Uday Diwakar
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Constable raped a college student in Balrampur: बलरामपुर:छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक दर्दनाक और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक पुलिस कांस्टेबल ने कालेज में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ बलात्कार किया, जिससे जिले में कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़िता ने जब इस घटना की शिकायत स्थानीय पुलिस में दर्ज कराने की कोशिश की, तो भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले ने महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस विभाग की जांच प्रक्रियाओं को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है।

बलरामपुर जिले में 21 वर्षीय छात्रा जो बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी, अपने रिश्तेदारों के घर रह रही थी। आरोपी पुलिस कांस्टेबल सत्येंद्र पाठक भी वहीं पदस्थ था।  उनके रिश्तेदार ड्यूटी पर थे, उसी दौरान सत्येंद्र ने घर में घुसकर छात्रा से पहली बार बलात्कार किया। इस घटना का पता चलते ही पीड़िता ने अपने रिश्तेदार पुलिसकर्मियों को बताया, जिन्होंने आरोपी को बुलाकर समझाया और उस पर इस प्रकार की हरकत न करने की कसम दिलाई।

Constable raped a college student in Balrampur

परंतु, करीब दो हफ्ते बाद, सत्येंद्र ने एक बार फिर पीड़िता को स्कूटी पर बैठाकर अपने क्वार्टर ले जाकर बलात्कार किया। इस दौरान आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। भय और दबाव में आकर छात्रा ने अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर अपने घर लौटने का फैसला किया।

अप्रैल में जब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर परिवार के सामने पूरी आपबीती रखी, तब उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन यहां से उसकी उम्मीद टूट गई, क्योंकि लोकल पुलिस ने शिकायत के बावजूद FIR दर्ज नहीं की। मामले की जानकारी मिलते ही सरगुजा आईजी के पास मामला पहुँचा, जिन्होंने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

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IG सरगुजा के निर्देशानुसार, जशपुर जिले की बगीचा पुलिस ने आरोपी आरक्षक के खिलाफ धारा 332 (अवैध हानि पहुंचाना) और 64 (2) के तहत अपराध दर्ज किया, और केस डायरी बलरामपुर कोतवाली को भेज दी गई। मामला अब बलरामपुर पुलिस की जांच में है।

पीड़िता द्वारा जताई गई मनोस्थिति बेहद संवेदनशील है, जहां वह न्याय न मिलने की स्थिति में आत्मदाह तक करने की बात कह चुकी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवती ने न्याय की गुहार लगाई है कि अगर उचित कार्रवाई न हुई तो वह इस सामाजिक अन्याय के खिलाफ अपनी जान दे सकती है।

इस घटना ने पुलिस विभाग की छवि को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। आरोपी कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है और जांच प्रगति में है। बलरामपुर पुलिस के उच्च अधिकारी इस मामले में त्वरित और कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दे चुके हैं।

यह घटना छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की संवेदनशीलता और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। पुलिस ऐसे अपराध में लिप्त होना सुरक्षा तंत्र के कमजोर होने की ओर इशारा करता है।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में हुई यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी भी है कि महिलाओं की सुरक्षा एवं न्याय के प्रति हमारी जिम्मेदारियां कितनी महत्वपूर्ण हैं। इस मामले में दोषी के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और प्रशासन को इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त प्रावधान करने होंगे। पीड़िता को न्याय मिलना अनिवार्य है, ताकि वह समाज फिर से विश्वास कर सके कि इन अमानवीय अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होगी।

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