Congress’s Big Agitation Against the Shortage and Black Marketing of Fertilizers in Surguja: सरगुजा : सरगुजा जिले में खरीफ फसल के सीजन में खाद की कमी और कालाबाजारी की वजह से किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस का बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में ग्राम डिगमा में धरना दिया गया और बनारस रोड पर सांकेतिक चक्काजाम किया गया। इस आंदोलन में कई किसान और स्थानीय लोग शामिल हुए।

Congress’s Big Agitation Against the Shortage and Black Marketing of Fertilizers in Surguja
कांग्रेस का कहना है कि खाद की आपूर्ति सही ढंग से नहीं हो पा रही है। सहकारी समितियां खाद नहीं दे पा रही हैं, जबकि प्राइवेट दुकानों पर कालाबाजारी हो रही है। इससे खाद की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं, जिससे गरीब किसान खासकर प्रभावित हुए हैं। कांग्रेस ने सरकार पर नाकामी का आरोप लगाया कि उसने इस समस्या को ठीक से नहीं सुलझाया।
सरगुजा कांग्रेस की मांग है कि खाद की किल्लत और कालाबाजारी को तुरंत रोका जाए। साथ ही, खरीफ फसल के लिए जरूरी खाद सही समय पर किसानों को उपलब्ध कराई जाए। आंदोलन में किसानों ने बताया कि खाद की कमी से फसलें खराब हो सकती हैं और उनकी आमदनी पर भी बुरा असर पड़ेगा। कांग्रेस ने फसल बीमा और धान खरीदी में भी गड़बड़ी का मुद्दा उठाया है।

इससे पहले छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में भी कांग्रेस ने इस समस्या को जोरदार तरीके से उठाया था। वहां कांग्रेस विधायकों ने सरकार को खाद और बीज की कमी का जिम्मेदार ठहराया। सरकार ने कहा कि खाद की कमी विश्वव्यापी वजहों से है, लेकिन कांग्रेस इसे सरकारी कमी बता रही है।
कांग्रेस नेता बालकृष्ण पाठक ने कहा कि खाद की कमी से धान की फसल खतरे में है। उन्होंने कहा कि सरकार में भ्रष्टाचार भी है और वे इसे जल्द खत्म करना चाहते हैं। किसानों की तरफ से भी मांग की गई कि खाद समय से और सही कीमत पर मिले।
यह आंदोलन किसानों की समस्याओं को सामने लाने और सरकार पर दबाव बनाने का माध्यम है। कांग्रेस ने कहा है कि वे खाद की समस्या का समाधान नहीं मिलने तक आंदोलनों को जारी रखेंगे ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके।
सरगुजा में यह आंदोलन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि खरीफ फसल की सफलता उनकी रोजी-रोटी से जुड़ी है। खाद की किल्लत दूर होना आवश्यक है ताकि खेती सही तरीके से हो सके और किसान आर्थिक रूप से मजबूती पा सकें।
यह भी पढ़ें:- राजपुर नगर पंचायत की 42 दुकानों पर बकाया प्रीमियम और किराया न जमा करने पर सील की कार्रवाई शुरू








