Congress party will launch its statewide rally campaign with the slogan Vote thief leave the throne: बिलासपुर :छत्तीसगढ़ कांग्रेस द्वारा राज्यव्यापी ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ आंदोलन, मतदाता सूची में गड़बड़ी, चुनावी धोखाधड़ी और भाजपा सरकार की कार्यशैली के विरोध में शुरू किया गया है। इसकी शुरुआत 9 सितंबर को बिलासपुर में रैली के साथ होगी, जिसमें कांग्रेस के प्रभारी महासचिव सचिन पायलट भी शामिल होंगे।
Congress party will launch its statewide rally campaign with the slogan Vote thief leave the throne
कांग्रेस ने 14 अगस्त को ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ कैंडललाइट मार्च से इस अभियान की नींव रखी थी। 22 अगस्त से 7 सितंबर तक राज्य के विभिन्न जिलों में चरणबद्ध रैलियां, नुक्कड़ नाटक, हस्ताक्षर अभियान और पोस्टर अभियान आयोजित किए गए। पार्टी का दावा है कि बीजेपी और चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में हेराफेरी और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी की है, जिससे लोकतंत्र प्रभावित हुआ है।
इस अभियान के संचालन के लिए कांग्रेस ने अपने जिला पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट का परीक्षण करें। प्रमुख पांच बिंदुओं—डुप्लीकेट मतदाता, फर्जी पते, एक पते पर थोक मतदाता, अमान्य तस्वीरें, फॉर्म 6 का दुरुपयोग—पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
प्रमुख चेहरों की भूमिका
रैली में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, सचिन पायलट सहित कई वरिष्ठ नेता भाग लेंगे। सचिन पायलट की भागीदारी से कार्यकर्ताओं में उत्साह आया है, पर पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी और अनुशासनहीनता भी चिंता का विषय बनी हुई है।
कांग्रेस ने आंदोलन में नशे के बढ़ते चलन, अपराधों की बढ़ोतरी, किसानों की समस्याओं, प्राकृतिक आपदा और राहत कार्यों जैसी सामाजिक चिंताओं को भी प्रमुखता दी है। धमतरी की हत्या की घटना व युवाओं में नशे की समस्या को भाजपा सरकार की नाकामी बताया गया है।
भाजपा और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को “लोकतंत्र का अपमान” और अपनी ही असफलता को छिपाने का तरीका बताया है। उनका दावा है कि कांग्रेस के शासनकाल में ही बूथ कैप्चरिंग और वोट चोरी की घटनाएं ज्यादा हुई थीं।
कांग्रेस को इस आंदोलन के दौरान भाजपा सरकार के साथ-साथ पार्टी के भीतर गुटबाजी और अनुशासनहीनता से भी दो-दो हाथ करने की चुनौती है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के “चमचे” वाले बयान पर विवाद गहराया है, जिससे संगठन की छवि और एकता प्रभावित हो रही है।
‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ आंदोलन छत्तीसगढ़ में राजनीतिक माहौल को गरमाने वाला है। कांग्रेस इसे जनजागरण और जनता की आवाज बताते हुए प्रदेशभर में अपनी पकड़ और एकजुटता मजबूत करना चाहती है, जबकि भाजपा विपक्षी आरोपों को बेबुनियाद बताती है।
यह भी पढ़ें:- 7-8 सितंबर को दिखेगा साल 2025 का ब्लड मून — पूर्ण चंद्र ग्रहण की अद्भुत रात