Concerns over cracks and landslide risk in Ramgarh mountain Congress investigation team inspects: सरगुजा: रामगढ़ पर्वत, जो धार्मिक आस्था और पुराने इतिहास का प्रतीक है, खदानों में हो रही ब्लास्टिंग की वजह से खतरे में आ गया है। यहाँ स्थित प्राचीन राममंदिर तक जाने वाली सीढ़ियों और चट्टानों में दरारें पाई गई हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में कांग्रेस के नेता वहां जाकर स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने ब्लास्टिंग से पहाड़ को हुए नुकसान को देखा और स्थानीय लोगों से बातचीत की। कांग्रेस नेताओं ने इस खतरे को गंभीर माना है।

Concerns over cracks and landslide risk in Ramgarh mountain Congress investigation team inspects
जियोलॉजिस्ट विमान मुखर्जी का कहना है कि रामगढ़ पहाड़ लगभग 200 मिलियन साल पुराना है। इस पहाड़ की मजबूती उसके पेड़ों से मिलने वाली नमी से बनी रहती है। लेकिन खदानों के कारण पेड़ों की कटाई और लगातार ब्लास्टिंग से नमी कम हो रही है, जिसके कारण पहाड़ में दरारें बढ़ रही हैं और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पुराने पेड़ पहाड़ को मज़बूत बनाते हैं, लेकिन अब उनकी कमी से पहाड़ कमजोर हो रहा है।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज हुई है। कांग्रेस ने पहाड़ की सुरक्षा की मांग की है, जबकि भाजपा ने अपना एक अध्ययन दल भेजकर कहा है कि पहाड़ सुरक्षित है और खनन से कोई नुकसान नहीं हो रहा है। इसके बीच स्थानीय लोग चिंतित हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पहाड़ से चट्टानें गिरती हैं, तो प्राचीन राम मंदिर तक जाने का रास्ता बंद हो सकता है। इससे धार्मिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा। इस खतरे को देखते हुए कई नेताओं और विशेषज्ञों ने संरक्षण की अपील की है।
कांग्रेस ने यह कहा है कि वे रामगढ़ पर्वत की रक्षा के लिए आवाज़ उठाते रहेंगे। ऐसे खतरे से न केवल हमारी प्राकृतिक विरासत बल्कि लोगों की सुरक्षा को भी खतरा है, इसलिए इसे जल्द से जल्द ठीक करना जरूरी है।
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