Compulsory Joining of Teachers:– अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) प्रक्रिया को लेकर राज्यभर के शिक्षकों में गहरा असंतोष व्याप्त है। शिक्षक संघों द्वारा लगातार आंदोलन किए जा रहे हैं और प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप भी सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद शिक्षा विभाग अपने निर्णय पर अडिग है और पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दे रहा है।

Compulsory Joining of Teachers कोरबा जिले से एक नया आदेश जारी
कोरबा जिले से एक नया आदेश जारी किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देश दिया है कि वे आज शाम तक शिक्षकों के कार्यभार ग्रहण करने और मुक्त होने की पूरी जानकारी दें। डीईओ ने यह भी कहा है कि अगर किसी संस्था प्रमुख ने शिक्षकों को मुक्त नहीं किया है, तो उन्हें बिना अनुमति के मुक्त माना जाएगा।

इसके अलावा, सभी डीईओ को 10 जून तक अपने जिलों से अतिशेष शिक्षकों की ज्वाइनिंग की रिपोर्ट डीपीआई को भेजनी होगी। यह आदेश युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को सही तरीके से लागू करने के लिए दिया गया है।

शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि काउंसिलिंग के दौरान जिन शिक्षकों को स्थानांतरण (ट्रांसफर) आदेश मिले हैं, उनकी उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराई जाएगी। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि नियुक्ति आदेश प्राप्त करने वाले शिक्षक निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्यभार ग्रहण करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही या टालमटोल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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