Complete ban on leave for all government employees during the assembly session in Surguja district: सरगुजा:अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के षष्ठम विधानसभा के सप्तम सत्र के मद्देनजर सरगुजा जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। 14 से 17 दिसंबर 2025 तक चलने वाले इस शीतकालीन सत्र के दौरान जिले में पदस्थ सभी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समस्त प्रकार के अवकाश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर कार्यालय अम्बिकापुर द्वारा जारी इस आदेश का उद्देश्य सत्र के दौरान प्रशासनिक सेवाओं को निर्बाध रखना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण तैयारियां सुनिश्चित करना है।
कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश क्रमांक के अनुसार, जिले के सभी विभागों—स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, राजस्व, लोक निर्माण आदि—में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी सत्र अवधि के दौरान किसी भी प्रकार का अवकाश, चाहे वह कैजुअल लीव हो, अर्जित अवकाश हो या अन्य कोई, नहीं लेंगे। विशेष परिस्थितियों में ही उच्च अधिकारियों की अनुमति से छूट दी जा सकेगी। यह आदेश सरगुजा के सभी अनुभाग मुख्यालयों—अम्बिकापुर, उदयपुर, राजपुर, बलरामपुर, मैनपाट, लखनपुर, सीतापुर आदि—पर लागू होगा।
इस प्रतिबंध से लगभग 25,000 सरकारी कर्मचारी प्रभावित होंगे, जो जिले की जनसंख्या के महत्वपूर्ण हिस्से को सेवा प्रदान करते हैं। प्रशासन का मानना है कि विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों के क्षेत्रीय दौरे, जनसुनवाई और विकास कार्यों की समीक्षा बढ़ जाती है, इसलिए स्टाफ की पूर्ण उपस्थिति आवश्यक है। पूर्व सत्रों में भी इसी प्रकार के आदेश जारी होते रहे हैं, जो प्रशासनिक दक्षता बनाए रखते हैं।
यह सत्र षष्ठम विधानसभा का सप्तम सत्र है, जो नवा रायपुर के नए विधानसभा भवन में पहली बार आयोजित होगा। 14 दिसंबर को “विकसित भारत 2047” पर विशेष चर्चा होगी, जबकि 15-17 दिसंबर को विधायी कार्यवाही चलेगी। विधायकों ने 628 सवाल दर्ज किए हैं—333 तारांकित और 295 अतारांकित—जिनमें विकास, बेरोजगारी, नक्सलवाद और धर्मांतरण जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धर्मांतरण संशोधन विधेयक लाने की पुष्टि की है, जो सत्र को हंगामेदार बना सकता है।
नया भवन 300 करोड़ की लागत से बना है, जिसमें बस्तर-सर्गुजा की लोककला झलकती है। यह अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाओं से लैस है, जो छत्तीसगढ़ की विधायी प्रक्रिया को नई ऊंचाई देगा। सत्र में अनुपूरक बजट, विधेयक पारित और नीतिगत चर्चाएं होंगी। सरगुजा से विधायक ओजस्वी मांझी और अन्य सदन में जिले के मुद्दे उठाएंगे।
सरगुजा जिले पर सत्र का प्रभाव
सरगुजा, छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा जिला होने के कारण, सत्र के दौरान विशेष निगरानी में रहता है। यहां आदिवासी बहुल क्षेत्र होने से भूमि अधिकार, वन उत्पाद और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठते हैं। जिला प्रशासन को विधायकों के दौरे की तैयारियां करनी होंगी, जैसे सड़क मरम्मत, स्वच्छता अभियान और सुरक्षा व्यवस्था। अवकाश प्रतिबंध से अस्पतालों, स्कूलों और तहसीलों में पूर्ण स्टाफ रहेगा।
पिछले सत्रों में सरगुजा से 150 से अधिक सवाल आए थे, जिनमें मड़वा घाटी विकास, रामगढ़ जलप्रपात पर्यटन और बैगा जनजाति कल्याण शामिल थे। इस बार भी समान उम्मीदें हैं। कलेक्टर ने विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि सत्र से पूर्व रिपोर्ट तैयार रखें।
छत्तीसगढ़ में विधानसभा सत्रों के दौरान अवकाश प्रतिबंध की परंपरा पुरानी है। 2018 में आदेश क्र. 5311 इसी प्रकार का था। बजट सत्र, मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र में यह नियमिक होता है। कोविड काल में छूट दी गई थी, लेकिन अब सामान्य हो गया। केंद्र और अन्य राज्यों में भी यही प्रथा है।
सरगुजा जिला वेबसाइट पर ऐसे आदेश नियमित अपलोड होते हैं। स्थानीय अवकाश कैलेंडर 2025 में भी सत्र तिथियों को ध्यान में रखा गया। यह सुनिश्चित करता है कि जनसेवा प्रभावित न हो।
Complete ban on leave for all government employees during the assembly session in Surguja district
कर्मचारी संगठनों ने आदेश का स्वागत किया है, लेकिन पारिवारिक कारणों पर छूट की मांग की। एक शिक्षक ने कहा, “सेवा भाव से बंधे हैं, लेकिन मानवीय पक्ष भी देखें।” जनता ने इसे सकारात्मक बताया, क्योंकि सेवाएं निर्बाध रहेंगी। विपक्ष ने इसे रूटीन बताया।
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है, जहां #CGVidhanSabhaSession ट्रेंड कर रहा। सरगुजा के फेसबुक ग्रुप्स में आदेश शेयर हो रहे।
सत्र से पूर्व जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें होंगी। UDID कार्ड वितरण, पेंशन और कौशल योजनाओं की प्रगति पर फोकस। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई है। स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं का स्टॉक रखा। शिक्षा विभाग ने परीक्षाओं का शेड्यूल समायोजित किया। कलेक्टर ने हेल्पलाइन जारी की, जहां शिकायतें दर्ज होंगी। यह पारदर्शिता बढ़ाएगा। राज्य के अन्य जिलों में भी समान आदेश हैं। रायपुर, बिलासपुर में विशेष सतर्कता। कैबिनेट बैठक में सत्र एजेंडा पर चर्चा हुई।
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