सरगुजा में संचालित कोचिंग संस्थाएं भ्रामक विज्ञापन के माध्यम से कर रहे हैं ऐडमिशन : Coaching Institutes Operating in Surguja

Uday Diwakar
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Coaching Institutes Operating in Surguja: सरगुजा – अम्बिकापुर : सरगुजा जिला जो कि संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है, वहां हाल के समय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के नाम पर अनेक कोचिंग संस्थान जैसे संकल्प अकैडमी, गांधीनगर, पंडवानी IAS अकैडमी, गांधीनगर; आर्यभट्ट कोचिंग क्लासेस, गांधीनगर, प्रगति IAS अकैडमी, गांधीनगर, सरस्वती IAS अकैडमी, गांधीनगर । दिल्ली IAS अकैडमी, गांधीनगर; दीक्षा अकैडमी, गांधीनगर, सिद्धार्थ ट्यूटोरियल, गांधीनगर; भूटानी IAS अकैडमी, एम.जी. रोड; एवं उड़ान IAS अकैडमी, आकाशवाणी चौक बिना किसी वैध अनुमति के अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों के संचालन में न तो शासन की कोई अनुमति ली गई है और न ही संबंधित नियामकीय मापदंडों का पालन किया जा रहा है।

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Coaching Institutes Operating in Surguja उल्लेखनीय है कि इन कोचिंग संस्थानों द्वारा निम्नलिखित गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं:

1.व्यवसाय पंजीयन (Business Registration) का अभाव – अधिकांश संस्थानों का किसी भी वैध रूप में व्यवसाय पंजीयन (जैसे कि एकल स्वामित्व, साझेदारी या कंपनी के रूप में) नहीं कराया गया है।
2.भ्रामक प्रचार और विज्ञापन – इन संस्थानों द्वारा अखबारों, होर्डिंग्स और सोशल मीडिया के माध्यम से झूठे दावे कर छात्रों एवं अभिभावकों को भ्रमित किया जा रहा है।

3.वस्तु एवं सेवा कर पंजीयन (GST Registration) नहीं है – ये संस्थान जीएसटी अधिनियम 2017 के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं, जिससे सरकार को राजस्व की क्षति हो रही है।

4.दुकान एवं स्थापना अधिनियम (Shop and Establishment Act) का उल्लंघन – इन संस्थानों ने इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीयन नहीं कराया है, जिससे कर्मचारियों के अधिकारों की भी अनदेखी हो रही है।
5.अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (Fire Safety NOC) का अभाव – बिना किसी अग्नि सुरक्षा उपायों के ये संस्थान संचालित हो रहे हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में जान-माल को गंभीर खतरे में डाल सकते हैं।
6.भवन मान्यता अनुपालन ( Building Compliance ) और भवन उपयोग प्रमाणपत्र (Occupancy Certificate) का अभाव – ये कोचिंग संस्थान बिना भवन मानकों का पालन किए और अधिकृत उपयोग प्रमाणपत्र के संचालित हो रहे हैं, जिससे उनकी वैधता पर प्रश्नचिन्ह है।

7.शैक्षिक गुणवत्ता में गिरावट – इन संस्थानों में न पाठ्यक्रम का कोई मापदंड है और न ही मूल्यांकन की कोई समुचित प्रणाली, जिससे छात्रों का अकादमिक विकास प्रभावित हो रहा है।

महोदय,यह संपूर्ण गतिविधि न केवल छात्रों के शैक्षणिक भविष्य के साथ धोखा है, बल्कि संविधान की पांचवीं अनुसूची तहत संरक्षित क्षेत्रीय प्रावधानों का भी उल्लंघन है।
अतः आपसे निवेदन है कि इन सभी संस्थाओं की जांच कर उन्हें बंद किया जाए, आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों की रोकथाम के लिए कड़ा प्रशासनिक नियंत्रण लागू किया जाए।
प्रतिलिपि –

  1. जिला शिक्षा अधिकारी महोदय, सरगुजा ।
  2. नगरनिगम आयुक्त महोदय, अंबिकापुर।
  3. जिला अग्निशमन अधिकारी महोदय, अंबिकापुर।
  4. जिला श्रम अधिकारी महोदय, सरगुजा

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