आजादी के 77 वर्षों बाद पहली बार पहुंची बिजली, मुख्यमंत्री मजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के तहत : Chief Minister’s Majra-Tola Electrification Scheme

Uday Diwakar
3 Min Read

Chief Minister’s Majra-Tola Electrification Scheme: बीजापुर: – छत्तीसगढ़ राज्य के अंदर ऐसे ऐसे गांव हैं जहां तक बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है और छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला में ऐसा ही हुआ है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के अति सुदूर गांव तिमेनार में मुख्यमंत्री मजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के तहत आजादी के 77 वर्षों बाद पहली बार बिजली पहुंची। यह ऐतिहासिक उपलब्धि माओवादी आतंक के अंधकार को चीरकर विकास, अमन और शांति के नए सबेरे की ओर कदम बढ़ाने का प्रतीक है।

image 343

Chief Minister’s Majra-Tola Electrification Scheme

तिमेनार में अब भय की जगह उजाला और आतंक की जगह उम्मीद ने ले ली है। गांव के 53 घरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है, जिससे पूरे गांव में हर्ष और उल्लास का माहौल है।

- Advertisement -
Website Designer in AmbikapurWebsite Designer in Ambikapur

भैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेचापाल के आश्रित गांव तिमेनार के निवासियों ने पीढ़ियों तक बिजली की रोशनी नहीं देखी थी। अब, जब शासन-प्रशासन ने इन दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना शुरू किया है, तो ग्रामीणों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सपना साकार हो रहा है।

image 344

ग्रामीणों की जुबानी – अब डर नहीं लगता, खुशियों का उजियारा छाया है

गांव के निवासी मशराम, पंडरु कुंजाम, मंगली और प्रमिला वेको ने बताया कि गांव में पहली बार बिजली पहुंची है, अब रात के अंधेरे से डर नहीं लगता। जंगली जानवरों, सांप-बिच्छू के भय से भी मुक्ति मिली है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई आसान हो गई है, और अब हम भी विकास की दौड़ में शामिल हो रहे हैं।”

image 345

मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता – हर गांव में विकास की किरण पहुंचेगी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार प्रदेश के हर मजरा-टोला को विद्युतीकरण से जोड़ने और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की धारा प्रवाहित करने के लिए संकल्पबद्ध है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जहां कल तक नक्सली आतंक का साया था, वहां आज विकास की किरणें फैल रही हैं। यह परिवर्तन ही असली जीत है । तिमेनार में हुआ विद्युतीकरण बस्तर के दूरस्थ अंचलों में सुशासन और विकास के नए युग की शुरुआत का संकेत है। अब यह क्षेत्र माओवाद के डर से मुक्त होकर समृद्धि और उजाले की ओर अग्रसर हो रहा है।

Also Read- मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई, विनोद कुमार शुक्ल छत्तीसगढ़ के मशहूर साहित्यकार को मिलेगा ज्ञानपीठ पुरस्कार

Share This Article
Leave a Comment