Chhattisgarh gets its first National Highway tunnel : रायपुर :छत्तीसगढ़ ने अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (NH-130CD) पर राज्य की पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग का निर्माण मात्र 12 महीनों में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
यह सुरंग 2.79 किलोमीटर लंबी है और कांकेर तथा कोंडागांव जिलों की सीमा पर पहाड़ियों के नीचे बनी है। इस सुरंग के बनने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और क्षेत्र का आर्थिक विकास तेज होगा।सुरंग का निर्माण ट्विन ट्यूब मॉडल पर किया गया है, जिसमें दो समानांतर सुरंगें बनती हैं, एक बाएँ और एक दाएँ।
वर्तमान में बाएँ सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है और इसे मार्च-अप्रैल 2026 तक यातायात के लिए खोलने की योजना है। दाएँ सुरंग का निर्माण कार्य अभी चल रहा है और उम्मीद है कि यह जुलाई-अगस्त 2026 तक पूरी हो जाएगी। इस सुरंग के माध्यम से दोनों दिशाओं में यातायात सुरक्षित और सहज होगा।इस सुरंग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे मात्र एक वर्ष के रिकॉर्ड समय में बनाया गया है, जो इंजीनियरिंग की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
निर्माण के दौरान कई तकनीकी और भौगोलिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जैसे जमीनी स्थिति, पहाड़ी इलाकों की जटिलता और बारिश का मौसम। इसके बावजूद परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हुई, जो राज्य के विकास में नए आयाम जोड़ने वाली बात है।
Chhattisgarh gets its first National Highway tunnel
रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारा, जो छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश को जोड़ता है, कुल 464 किलोमीटर लंबा छह-लेन हाईवे है। इस सुरंग के बनने से इस गलियारे की क्षमताएं और प्रभावकारी होंगी। यात्रा का समय कम होगा, माल और सेवाओं के आदान-प्रदान में तेजी आएगी, और इस क्षेत्र में व्यापार, उद्योग एवं पर्यटन के नए अवसर पैदा होंगे। इससे आसपास के जिलों और आदिवासी क्षेत्रों का भी विकास होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को छत्तीसगढ़ के समृद्ध और सशक्त भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क और परिवहन व्यवस्था राज्य के विकास की रीढ़ है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और NHAI टीम को भी इस सफलता के लिए धन्यवाद दिया और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन का हिस्सा बताया।सुरंग के बनने से न केवल यात्रा और व्यापार में सुधार होगा, बल्कि यह आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विकास की नई राह भी खोलती है।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सड़क मार्ग सुचारु रहेगी और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। यह परियोजना स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी मदद करेगी।इस टनल के जरिए आने वाले समय में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यात्रा सहज, सुरक्षित और तेज होगी। पहाड़ी इलाके व भारी वर्षा के दौरान भी मार्ग बंद नहीं होगा, जिससे क्षेत्र की पर्यटन संभावनाएं बढ़ेंगी। यह परियोजना क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देगी और राज्य की समृद्धि में योगदान देगी।
छत्तीसगढ़ की यह पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग देश में इंजीनियरिंग कौशल और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करती है। यह परियोजना न केवल छत्तीसगढ़ के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए विकास और कनेक्टिविटी के नए दरवाजे खोलने वाली है। इससे राज्य के अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी गति मिलेगी और भविष्य में और अधिक बड़े निर्माण कार्यों की संभावनाएं जागृत होंगी।
इस सुरंग का उद्घाटन वर्ष 2026 के मध्य में होगा और बाद में यह पूरे छह-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग की कनेक्टिविटी का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगी। इसके चलते छत्तीसगढ़ के व्यापारिक केंद्रों और आर्थिक गलियारों के बीच दूरी कम होगी, साथ ही रोजगार, विकास और वित्तीय समृद्धि के नए अवसर उत्पन्न होंगे। यह सुरंग सुनिश्चित करेगी कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सड़क सुरक्षा दोनों में सुधार आए।संक्षेप में, छत्तीसगढ़ की इस सुरंग निर्माण परियोजना ने तकनीकी दक्षता, समय प्रबंधन और क्षेत्रीय विकास के लिहाज से एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
यह न केवल राज्य के लोगों की जीवन गुणवत्ता में सुधार करेगी बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति को भी बल देगी।
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