Chhattisgarh Gears Up for Census 2027: सरगुजा:अंबिकापुर:भारत सरकार की आगामी जनगणना‑2027 की तैयारी छत्तीसगढ़ में पूरे जोर‑शोर से चल रही है। राज्य में इस प्रक्रिया का पहला चरण “मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना (House Listing & Housing Census)” 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक घर, आवासीय और गैर‑आवासीय भवनों की विस्तृत लिस्ट बनेगी और उनमें उपलब्ध सुविधाओं का रिकॉर्ड तैयार होगा। नियुक्त प्रगणक (जनगणना कर्मी) घर‑घर जाकर इन जानकारियों को डिजिटल या हैंडहेल्ड ऐप के जरिए दर्ज करेंगे, ताकि राज्य और केंद्र सरकार को आबादी और आवास सुविधाओं का सटीक आंकड़ा मिल सके। छत्तीसगढ़ में 33 जिले, 252 तहसील और लगभग 19,978 गांव इस सर्वे में शामिल होंगे।
घर‑घर सर्वे और स्व‑गणना की नई सुविधा
पिछली जनगणनाओं की तुलना में जनगणना‑2027 अधिक डिजिटल और नागरिक‑अनुकूल बनाई जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार के अनुसार, 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच नागरिक स्व‑गणना (Self‑Enumeration) के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर अपने घर और परिवार की जानकारी स्वयं भर सकते हैं। इस सुविधा से जनगणना सर्वे में दोहराव कम होगा और डेटा संकलन ज्यादा तेज होगा। ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने पर एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे बाद में जब घर‑घर प्रगणक आएंगे तो वे चेक करेंगे।
33 सवाल किन‑किन बातों पर पूछे जाएंगे?
केंद्र सरकार ने जनगणना‑2027 के पहले चरण के लिए 33 बिंदुओं पर आधारित प्रश्नावली जारी की है, जिनमें मकान की संरचना, स्वामित्व, उपयोग और आधारभूत सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी शामिल है। इन 33 सवालों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- मकान का प्रकार (पक्का, कच्चा, अर्द्ध‑पक्का), दीवार व छत की सामग्री, कमरों की संख्या
- मकान का स्वामित्व (किराएदार, स्वामी, विवादित आदि), आवासीय या व्यवसायिक उपयोग
- पीने का पानी का स्रोत और उपलब्धता, घर में बिजली का स्रोत, घरेलू ईंधन (LPG, गोबर, लकड़ी आदि)
- शौचालय की उपलब्धता, उसका प्रकार (आंतरिक या बाहरी), अलग‑अलग लिंगों के लिए शौचालय, नहलने की सुविधा, अपशिष्ट निकासी और कचरा निपटान
- घर में इंटरनेट, मोबाइल, कंप्यूटर, दूरभाष, टेलीविजन जैसी सुविधाएं
- मुख्य खाद्यान्न और अन्य घरेलू आर्थिक व जीवन‑स्तर से जुड़ी जानकारियां
इन 33 सवालों के जवाब ही यह तय करेंगे कि किस क्षेत्र में आवास, स्वच्छता, बिजली, पानी और डिजिटल सुविधाओं की कमी है, जिससे योजना बनाने और बजट आवंटन करने में सरकार को मदद मिलेगी।
क्यों जरूरी है इन 33 सवालों का सही जवाब देना?
जनगणना‑2027 का यह पहला चरण राज्य के हर गांव, नगर और शहर के लिए “डेटा‑मानचित्र” बनाने जैसा है। यह जानकारी सीधे तौर पर ERP‑स्कीम, आवास योजना, स्वच्छ भारत, ग्रामीण विद्युतीकरण, पानी–सफाई, डिजिटल इंडिया और ग्रामीण रोजगार योजनाओं जैसी योजनाओं के लक्ष्य निर्धारण में काम आएगी। यदि लोग घर‑घर आने वाले प्रगणकों के सवालों के जवाब सही‑सही देंगे और स्व‑गणना पोर्टल पर भी सही जानकारी दर्ज करेंगे, तो राज्य को वास्तविक पिक्चर मिलेगी कि किन इलाकों को आगे विशेष जोर देना होगा।
Chhattisgarh Gears Up for Census 2027 इसलिए यह जरूरी है कि आप:
- घर पर जनगणना टीम दिखें, तो उनका सहयोग करें और 33 सवालों के जवाब ईमानदारी से दें;
- यदि आप डिजिटल रूप से सक्षम हैं, तो 16 से 30 अप्रैल के बीच ऑनलाइन स्व‑गणना कर लें;
- अपनी जानकारी देते समय निजी डेटा चिंता मत करें, क्योंकि यह सारा डेटा केवल सांख्यिकी और नीति निर्माण के लिए इस्तेमाल होगा, व्यक्तिगत शोषण या अन्य उद्देश्यों के लिए नहीं।
इस तरह जब भी आपसे पूछे जाएंगे “मकान की दीवार किस सामग्री से है?” या “घर में शौचालय है या नहीं?”, याद रखें कि इन 33 सवालों का सही जवाब न केवल जनगणना को सही बनाएगा, बल्कि भविष्य में आपके गांव और शहर के विकास की नींव भी मजबूत करेगा।
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