Chaos at Bhaskarpara Coal Project: सूरजपुर : सूरजपुर जिले के भैयाथान ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत खाड़पारा में स्थित भास्करपारा कोयला परियोजना एक बार फिर विवादों का केंद्र बन गई है। सैकड़ों ग्रामीणों ने नरेंद्र साहू के नेतृत्व में कोल कंपनी प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि परियोजना बिना ग्रामसभा की सहमति के जबरन शुरू की गई और अवैध खनन से पर्यावरण के साथ स्थानीय लोगों का जीवन संकट में आ गया है।

Chaos at Bhaskarpara Coal Project
धरना के दौरान ग्रामीणों की मुख्य मांग थी कि कंपनी ग्रामसभा के प्रस्ताव की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराए। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना शुरू होने के बाद भारी ब्लास्टिंग से उनके मकानों में दरारें आ रही हैं, खेतों की उपज घट गई है और स्थानीय सड़कों की हालत अत्यंत खराब हो गई है। आंदोलन के चलते रविवार को खदान गेट पर सैकड़ों लोग डटे रहे और भैयाथान-पटना मार्ग घंटों तक जाम रहा।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस दल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लिखित समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण ठोस जवाब मिलने तक पीछे हटने को तैयार नहीं थे। सोमवार को कंपनी ने तीन पंचायतों के प्रस्ताव ग्रामीणों को सौंपे, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ, मगर विवाद और भी गहरा गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने पहले भी रोजगार, मुआवजा और स्थानीय विकास जैसे बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन पांच महीने में न विकास हुआ, न रोजगार मिला और न मुआवजा दिया गया। बाहरी लोगों की भर्ती, वन भूमि अधिकार पत्र की अनदेखी, जल जीवन मिशन योजनाओं की रुकावट एवं अधिग्रहण में धांधली को लेकर ग्रामीणों में असंतोष है। पेड़-पौधों की बड़े पैमाने पर कटाई और वन्यजीवों वाले इलाके को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है।

मामले पर क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने माना कि परियोजना शुरू से ही विवादों में रही है, और वादा किया कि वे ग्रामीणों के हित के लिए खड़ी रहेंगी। स्थानीय युवाओं को काम, मुआवजा और ब्लास्टिंग से होने वाली क्षति की जिम्मेदारी कंपनी पर डाली जाएगी।
ग्रामीणों की एकजुटता और आंदोलन की चेतावनी यह संकेत दे रही है कि अगर प्रशासन व कंपनी समस्याओं का समाधान नहीं करती, तो यह विवाद जल्द ही बड़े जनआंदोलन में बदल सकता है।
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