छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख तक कैशलेस इलाज: ‘सड़क दुर्घटना नगदी रहित उपचार स्कीम 2025’ लागू : Cashless Treatment to Road Accident

Uday Diwakar
3 Min Read

Cashless Treatment to Road Accident:रायपुर :छत्तीसगढ़ सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘सड़क दुर्घटना नगद रहित उपचार योजना 2025’ को 5 मई 2025 से पूरे प्रदेश में शुरू कर दिया है। इस योजना के अंतर्गत अब सड़क हादसों में घायल किसी भी व्यक्ति को इलाज के लिए पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। राज्य के चिन्हित सरकारी और निजी अस्पतालों में दुर्घटना के दिन से लेकर सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का उपचार मुफ्त और कैशलेस मिलेगा।

image 252

Cashless Treatment to Road Accident योजना की प्रमुख बातें:

  • सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को घटना के 7 दिनों के भीतर सूचीबद्ध अस्पतालों में नगद रहित (कैशलेस) उपचार की सुविधा दी जाएगी।
  • प्रत्येक घायल को अधिकतम 1,50,000 रुपये तक का इलाज नि:शुल्क उपलब्ध होगा।
  • यह सुविधा 134 सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ-साथ राज्य के बाहर स्थित 61 अस्पतालों में भी लागू रहेगी।
  • अस्पताल प्रबंधन अब इलाज के लिए पीड़ित से कोई अग्रिम राशि नहीं ले सकेगा; उपचार तुरंत आरंभ करना अनिवार्य होगा।
  • इलाज की पूरी राशि सीधे अस्पताल को राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी, मरीज या उसके परिवार को कोई भुगतान नहीं करना होगा।
  • योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों के कलेक्टर, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

image 250

योजना का उद्देश्य और फायदे:

  • सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर उपचार मिल सके, जिससे उनकी जिंदगी बचाई जा सके।
  • खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को इलाज में देरी और आर्थिक परेशानी से राहत मिलेगी।
  • ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान समय पर इलाज मिलने से मृत्यु दर में कमी लाने का प्रयास।
  • यह योजना राज्य के हर नागरिक के लिए लाभकारी है, क्योंकि दुर्घटना कभी भी किसी के साथ हो सकती है।

image 253

लाभ कैसे प्राप्त करें:

  • दुर्घटना के बाद 7 दिन के भीतर किसी भी सूचीबद्ध सरकारी या निजी अस्पताल में इलाज कराया जा सकता है।
  • अस्पताल पीड़ित की पहचान और दुर्घटना की जानकारी दर्ज कर योजना के तहत उपचार शुरू करेगा।
  • मरीज या उसके परिजन को कोई अग्रिम राशि जमा नहीं करनी होगी; सारा भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा।

यह पहल छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाएगी तथा सड़क हादसों के पीड़ितों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध होगी।

यह भी पढ़ें- पीएम मोदी के हाथों 103 आधुनिक रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण, छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़, भानुप्रतापपुर, भिलाई, उरकुरा, अंबिकापुर स्टेशन शामिल

Share This Article
Leave a Comment