Case of fake adoption in Jashpur: जशपुर:जशपुर जिले के पत्थलगांव में सरकारी अस्पताल की नर्स द्वारा फर्जी तरीके से नवजात बच्ची को एक दंपत्ति को सौंपने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नर्स समेत गोद लेने वाले दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया है और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर चाइल्ड हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में रखा गया है।
Case of fake adoption in Jashpur
पत्थलगांव निवासी सुखदेव नाग ने पत्थलगांव थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी दिलासो बाई ने 28 अगस्त को सरकारी अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। 30 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी मिलते समय नर्स अनुपमा टोप्पो ने बच्ची को टीका लगाने के बहाने ले जाकर माता-पिता को विश्वास दिलाया कि बच्ची की तबीयत बिगड़ गई है और इलाज के लिए बाहर भेजना होगा। इस बहाने बच्ची के पिता से कुछ कागजों पर दस्तखत भी करवाए गए। उस दौरान कोरबा निवासी दंपत्ति निशिकांत मिंज और सुमन वानी मिंज भी मौजूद थे, जिन्होंने बच्ची का इलाज कराने और कुछ दिन बाद लौटा देने का भरोसा दिलाया।
काफी समय बीतने के बाद बच्ची नहीं मिली तो परिजनों को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्थलगांव पुलिस ने जेजे एक्ट की धारा 80, 81 के तहत अपराध दर्ज कर त्वरित जांच शुरू की। पुलिस ने कोरबा के दंपत्ति से बच्ची गोद लेने के वैध दस्तावेज मांगे, जो वे प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद नर्स अनुपमा टोप्पो, निशिकांत एवं सुमन वानी मिंज को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नवजात बच्ची को सुरक्षित बरामद कर चाइल्ड हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने जानकारी दी कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि पत्थलगांव के शासकीय हॉस्पिटल में नर्स द्वारा माता-पिता को धोखे में रखकर बच्ची को अवैध रूप से दंपत्ति को सौंपा गया था। तत्काल शिकायत पर त्वरित कार्रवाई हुई औऱ सभी आरोपियों को पकड़कर नवजात बच्ची को अस्पताल के चाइल्ड हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में सुरक्षित रखा गया है।
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