अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कैंसर उपचार सेवाएँ ठप, मरीज़ परेशान: Cancer treatment services halted at Ambikapur

जग संदेश
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Cancer treatment services halted at Ambikapur: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पिछले चार दिनों से कैंसर उपचार सेवाएँ पूरी तरह से बंद हो गई हैं। इससे कैंसर के मरीज़ों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या मुख्य रूप से ओरल सर्जन डॉ. अभिषेक हरीश के अनुबंध के नवीनीकरण न होने के कारण उत्पन्न हुई है, जो कैंसर उपचार के प्रभारी थे।

Cancer treatment services halted at Ambikapur

Cancer treatment services halted at Ambikapur मरीज़ों को हो रही परेशानी

अस्पताल में कैंसर उपचार सेवाओं के बंद होने से मरीज़ों को अब रायपुर या बिलासपुर जैसे दूरस्थ शहरों में जाकर इलाज कराना पड़ रहा है। इससे उन्हें न केवल अतिरिक्त खर्च का बोझ उठाना पड़ रहा है, बल्कि यात्रा की कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ रहा है।

डी.एन. यादव, जिनके 85 वर्षीय पिता कैंसर के लक्षणों से पीड़ित हैं, ने बताया, “हम पिछले चार दिनों से अस्पताल आ रहे हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं होने के कारण मेरे पिता का इलाज नहीं हो पा रहा है। अब हमें रायपुर जाने की योजना बनानी पड़ रही है, जो हमारे लिए आर्थिक और शारीरिक रूप से बहुत कठिन है।”

इसी तरह, बाबूलाल सिंह के 66 वर्षीय पिता, जो कैंसर से पीड़ित हैं, भी चार दिनों से अस्पताल का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई इलाज नहीं मिल पा रहा है। बाबूलाल ने कहा, “हमें अब बिलासपुर या रायपुर जाना होगा, जो हमारे लिए बहुत मुश्किल है।”

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अनुबंध नवीनीकरण क्यों नहीं हुआ?

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अविनाश मेश्राम के अनुसार, ओरल सर्जन डॉ. अभिषेक हरीश का अनुबंध 31 मार्च को समाप्त हो गया था। उन्होंने बताया, “अनुबंध का नवीनीकरण नहीं किया गया क्योंकि सीआर (करैक्टर रिपोर्ट) फॉर्म समय पर जमा नहीं किया गया था।”

हालांकि, डॉ. अभिषेक का कहना है कि विभाग के प्रमुख (एचओडी) के छुट्टी पर होने के कारण उनके सीआर फॉर्म की प्रक्रिया नहीं हो पाई थी। इस विवाद के बीच, मरीज़ों का इलाज अटका हुआ है।

मरीज़ों की मांग

अस्पताल में कैंसर उपचार सेवाओं के बंद होने से परेशान मरीज़ और उनके परिवारजन अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द एक नए डॉक्टर की नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें समय पर कैंसर का इलाज मिल सके।

एक स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने कहा, “यह बहुत गंभीर मामला है। कैंसर जैसी बीमारी में इलाज में देरी जानलेवा हो सकती है। अस्पताल प्रशासन को तुरंत इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए।”

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल सरगुजा क्षेत्र के मरीज़ों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। कैंसर उपचार सेवाओं के बंद होने से न केवल अंबिकापुर, बल्कि आसपास के जिलों के मरीज़ भी प्रभावित हो रहे हैं।

अस्पताल प्रशासन से जब इस मामले पर आगे की कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं और नए डॉक्टर की नियुक्ति प्रक्रिया पर काम चल रहा है।

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