Bus going from Raigarh to Garhwa overturned more than 25 passengers injured: बलरामपुर:छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सोमवार की भोर में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रायगढ़ से झारखंड के गढ़वा जा रही यात्रियों से भरी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसा डबरा पुलिस चौकी क्षेत्र के कदौरा मिशन स्कूल के पास सुबह करीब 5 बजे हुआ। बस में लगभग 50 यात्री सवार थे, जिनमें से 25 से अधिक लोगों को मामूली चोटें आई हैं। राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री की जान नहीं गई।
जानकारी के अनुसार हादसे का कारण बस का स्टीयरिंग रॉड (मौसन) टूटना बताया जा रहा है। मोड़ पर पहुंचते ही चालक का वाहन पर से नियंत्रण हट गया और बस सड़क छोड़कर सीधे धान के खेत में जा पलटी। पलटने के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल की ओर दौड़ी।
चौकी प्रभारी विजय कुमार दुबे ने बताया कि बस का क्रमांक सीजी 13 एआर 1895 है, जो रायगढ़ से गंडवा और करौंदा होते हुए गढ़वा (झारखंड) की ओर जा रही थी। हादसा घाटी के मोड़ पर हुआ, जहां सड़क संकरी और फिसलन भरी थी।
बस के पलटने के कुछ ही मिनटों के भीतर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बस के शीशे तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। कई यात्रियों को मामूली चोटें व खरोंचें आईं।
ग्रामीणों की मदद से सभी यात्रियों को प्राथमिक उपचार के लिए समीप के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। कुछ घायल यात्रियों को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जबकि गंभीर रूप से कोई घायल नहीं पाया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही डबरा पुलिस चौकी प्रभारी विजय कुमार दुबे पुलिसबल के साथ घटनास्थल पहुंचे। पुलिस ने राहत कार्य शुरू कर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। घाट क्षेत्र में फंसी बस को हटाने के लिए जेसीबी और ट्रक की सहायता ली गई।
पुलिस ने बताया कि बस पलटने के बाद भी उसमें कोई भी आग या ईंधन रिसाव की स्थिति नहीं हुई, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। मौके पर व्यापक जाम की स्थिति बन गई थी, लेकिन कुछ घंटे की मशक्कत के बाद यातायात सामान्य कर दिया गया।
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पलटते ही बस के भीतर जोरदार धमाका हुआ और यात्री एक-दूसरे पर गिर पड़े। महिलाएं और बच्चे दहशत के मारे रोने लगे। कुछ लोगों के पैर बस की सीटों के नीचे फंस गए जिन्हें ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला।
गांव के एक युवक ने बताया, “बस दो बार पलटी खाकर खेत में जा गिरी थी। अगर सड़क के दूसरी तरफ खाई होती तो शायद बड़ा हादसा हो जाता।” हादसे के बाद कई यात्रियों का सामान खेत में बिखर गया था, जिसे पुलिस ने बाद में बरामद कर यात्रियों को लौटाया।
चालक की सूझबूझ से बची कई जानें
जानकारी के अनुसार, बस चालक ने हादसे के ठीक पहले स्टीयरिंग रॉड टूटने की आवाज सुनकर ब्रेक लगाने की कोशिश की थी। इसी दौरान वाहन असंतुलित हो गया। यदि चालक ने बस को सड़क की बजाय खेत की ओर मोड़ने का निर्णय नहीं लिया होता, तो वाहन घाट के नीचे गहरी खाई में जा गिरता और जनहानि तय थी।
चौकी प्रभारी ने बताया कि चालक के निर्णय से यात्रियों की जान बची। पुलिस ने चालक से प्रारंभिक पूछताछ की है। उसे भी हल्की चोटें आई हैं। वाहन को जब्त कर तकनीकी जांच के लिए परिवहन विभाग को भेज दिया गया है।
घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। बलरामपुर के एसडीएम और सीएमएचओ ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश घायल सतही चोटों से पीड़ित हैं और सभी की हालत स्थिर है।
जिलाधिकारी ने तत्काल घटना स्थल पर राहत और बचाव कार्य की निगरानी के निर्देश दिए और बस कंपनी को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने कहा। प्रशासन ने यात्रियों के लिए भोजन और यात्रा की वैकल्पिक व्यवस्था करवाई।

Bus going from Raigarh to Garhwa overturned more than 25 passengers injured
पुलिस ने अब यह जांच शुरू की है कि बस का तकनीकी रखरखाव कब आखिरी बार हुआ था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाहन की जाँच निर्धारित अवधि के भीतर नहीं कराई गई थी। परिवहन विभाग ने वाहन मालिक को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी है।
एसपी बलरामपुर ने कहा कि यह घटना चेतावनी है कि पुरानी या खराब स्थिति में रखी गई बसों को सड़क पर नहीं उतरना चाहिए। उन्होंने परिवहन अधिकारियों को ऐसे सभी वाहनों की यादृच्छिक जांच करने के निर्देश दिए हैं।
हादसे के बाद सुरक्षित यात्रियों ने बताया कि बस जब रायगढ़ से रवाना हुई तो लगभग पूरी तरह भरी हुई थी। कुछ यात्रियों का कहना था कि वाहन में स्टीयरिंग की हल्की समस्या पहले से थी, लेकिन चालक ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।

एक महिला यात्री ने बताया, “हम रात भर चलकर सुबह अपने गांव पहुंचने वाले थे। मोड़ पर अचानक जोरदार झटका लगा और हम सब गिर पड़े। बस के अंदर कुछ पल तक सन्नाटा छा गया था।”
एक अन्य यात्री ने कहा, “हादसे के ठीक बाद गांव के लोगों ने जिस तरह मदद की, उससे कई जानें बचीं। ग्रामीणों ने बिना देरी किए हमारी सहायता की।”
हादसे के बाद सभी यात्रियों को दूसरी बस में बैठाकर उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। पुलिस और परिवहन विभाग ने रातभर घटनास्थल पर रुककर सभी यात्रियों के सामान की जांच और रिकॉर्ड तैयार किया।
स्थानीय प्रशासन ने बस मालिक को निर्देश दिया कि वह सभी यात्रियों को मुआवजा और चिकित्सा सहायता प्रदान करे। इसके साथ ही चालक और कंडक्टर के ड्राइविंग दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
कदौरा मिशन स्कूल के पास जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां से गुजरने वाले लोग अक्सर कहते हैं कि सड़क का यह हिस्सा अत्यंत संकरा और ढलान वाला है। स्थानीय लोगों ने कई बार वहां गति सीमा और चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत वहां चेतावनी बोर्ड, सड़क किनारे रेलिंग और रिफ्लेक्टर लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएं न हों।
बलरामपुर जिले में पिछले कुछ महीनों में सड़क हादसों के मामले लगातार बढ़े हैं। खराब सड़कों, तेज रफ्तार और तकनीकी खराबी को इन दुर्घटनाओं का मुख्य कारण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही परिवहन और सड़क विभाग संयुक्त रूप से जिले भर में सुरक्षा निरीक्षण करेंगे।

बलरामपुर का यह हादसा भले ही बिना जनहानि के समाप्त हुआ, लेकिन यह एक बड़ा सबक लेकर आया। यह घटना बताती है कि वाहन के रखरखाव की लापरवाही और सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी खतरनाक हो सकती है। यदि चालक के त्वरित निर्णय और ग्रामीणों के सहयोग से बचाव नहीं हुआ होता, तो यह बस दुर्घटना त्रासदी में बदल सकती थी।
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