BJP’s Resurgence in Batra Bhatgaon: सूरजपुर : सूरजपुर जिले के हीरक नगर भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बतरा में छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिला है। कांग्रेस के पूर्व विधायक पारसनाथ राजवाड़े के गृह ग्राम बतरा में भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया, जहां 31 ग्रामीणों ने एक साथ कांग्रेस और अन्य राजनीतिक विचारधाराओं को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इस समारोह की विशेषता यह थी कि यह अभियान पूर्व कांग्रेस विधायक के स्वयं गांव में आयोजित हुआ, जिसे स्थानीय राजनीति में भाजपा की सेंधमारी के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की मौजूदगी ने आयोजन को और विशेष बना दिया। मंत्री राजवाड़े ने नए सदस्यों को केसरिया दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया और उन्हें भाजपा की विकास एवं संगठन की नीतियों से अवगत कराया। उन्होंने जनता से राजनीतिक विभाजन छोड़ विकास के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया। मंच से भाजपा नेताओं ने दावा किया कि यह सदस्यता अभियान न केवल व्यक्तिगत निर्णय का नतीजा है, बल्कि ग्रामीणों में भाजपा की जनविश्वास बढ़ने की ओर इशारा है।
बतरा गांव स्थानीय रूप से पारसनाथ राजवाड़े का गृह ग्राम है, जहां लंबे समय तक कांग्रेस की पकड़ मजबूत रही है। भटगांव विधानसभा क्षेत्र में 2003 से 2018 के बीच कांग्रेस ने लगातार तेज जनसमर्थन देखा, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा की अगुवाई में लक्ष्मी राजवाड़े ने बड़ी जीत हासिल की। इसके बाद ग्रामस्तर पर भाजपा का संगठन विस्तार और ग्रामीणों को साथ लेने के प्रयास तेज हुए हैं। बतरा में यह सदस्यता अभियान इसी रणनीति का एक महत्वपूर्ण अंग है।
BJP’s Resurgence in Batra Bhatgaon
सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व इस आयोजन को भटगांव विधानसभा और सूरजपुर जिले में अपने घर–घर तक पहुंचने की रणनीति का हिस्सा मान रही है। 31 ग्रामीणों का सामूहिक जुड़ाव केवल संख्या नहीं, बल्कि ग्रामीण नेतृत्व के झुकाव को दर्शाता है। विश्लेषकों के अनुसार, जहां भूमि–जल विवाद, आरक्षण और आर्थिक असुरक्षा के विरोध जैसे विषयों पर ग्रामीण अपनी असंतुष्टि व्यक्त कर रहे हैं, भाजपा इन्हें विकास और स्थिरता की राजनीति के साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे अब भाजपा पर विश्वास जताकर अपने गांव में बेहतर सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा और युवा रोजगार की उम्मीद जोड़ रहे हैं। कई नए सदस्यों ने बताया कि पिछले पांच वर्षों की कांग्रेस सरकार के दौर में उन्हें आशानुरूप बदलाव नहीं मिला, जिससे उन्हें राजनीतिक दिशा बदलने का निर्णय लेना पड़ा। भविष्य में भाजपा इस आधार को ग्राम पंचायतों, जनपदों और विधानसभा की रणनीति के साथ मिलाकर आगे ले जाने की तैयारी में है। इस तरह बतरा से शुरू हुआ यह आंदोलन भटगांव–सूरजपुर क्षेत्र की राजनीतिक समीक्षा के लिए एक नया मोड़ बन सकता है।
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