Bansu Lohar Case in Ambikapur: सरगुजा:अंबिकापुर।अंबिकापुर में बंसू लोहार जमीन घोटाला मामले में शासकीय भूमि के नामांतरण और फर्जी दस्तावेजों के चलते राजस्व विभाग के एक अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। सरगुजा जिला प्रशासन ने शासकीय कार्यों में गंभीर अनियमितता और पद के दुरुपयोग के आरोप में सहायक ग्रेड‑02 अजय कुमार तिवारी पर दीर्घ शास्ति अधिरोपित कर दी है, जिसके बाद यह मामला प्रशासनिक और जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
यह घोटाला अंबिकापुर नगर के नमनाकला क्षेत्र में स्थित लगभग 4.22 एकड़ शासकीय भूमि से जुड़ा है। मूल रूप से यह जमीन सिंहदेव योजना के तहत नमनाकला निवासी बंसू लोहार के नाम पट्टा के रूप में दी गई थी, लेकिन बाद में पूरे नमनाकला की शासकीय भूमि को नजूल मद में दर्ज कर लिया गया। इसके बाद भूमाफियाओं ने नमनाकला निवासी बंसू लोहार के स्थान पर परसा निवासी दूसरे बंसू लोहार को खड़ा कर फर्जी आधार कार्ड और कागजात के आधार पर नजूल अभिलेखों में नामांतरण दर्ज कराया और इस जमीन को कई व्यक्तियों के नाम बेच दिया।
जांच में पता चला कि इस फर्जी नामांतरण के लिए दस्तावेजों में गहरी मिलीभगत और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही शामिल थी। सहायक ग्रेड‑02 अजय कुमार तिवारी पर यह आरोप लगा कि उन्होंने नियमों की अनदेखी कर फर्जी आवेदन, गलत जानकारी और अधूरी जांच के आधार पर शासकीय भूमि के नामांतरण को मंजूरी देकर पद का दुरुपयोग किया। कलेक्टर न्यायालय ने बाद में इस जमीन को फिर से शासकीय मद की गोचर भूमि के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया, साथ ही सभी बाद के रजिस्ट्री और बंटवारे को शून्य घोषित किया।
सहायक ग्रेड‑02 पर विभागीय कार्रवाई
सरगुजा जिला प्रशासन ने विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक ग्रेड‑02 अजय कुमार तिवारी के विरुद्ध दीर्घ शास्ति अधिरोपित की है। इस शास्ति में वेतन काटा जाना, वर्षों की पदोन्नति में देरी, अनुशासनात्मक नोट की रिकॉर्डिंग और भविष्य में पदों के आवंटन में प्रतिबंध जैसी कड़ी सजा शामिल है, जो विभाग की तरफ से “पद के दुरुपयोग और शासकीय कार्यों में गंभीर अनियमितता” के लिए उठाया गया उदाहरण है।
Bansu Lohar Case in Ambikapur
इस मामले में पुलिस ने अंबिकापुर थाने में जमीन घोटाले का मामला दर्ज कर बंसू लोहार सहित अन्य आरोपियों को रिमांड पर लिया, जबकि कलेक्टर न्यायालय ने शासकीय भूमि के निपटान और अभिलेख सुधार के लिए आदेश जारी किए। इधर एसडीएम स्तर की जांच ने राजस्व अधिकारियों की लापरवाही और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग की पुष्टि की, जिस पर उच्च प्रशासन ने सहायक ग्रेड‑02 पर ऊपर बताई गई दीर्घ शास्ति अधिरोपित करने का निर्णय लिया।
यह भी पढ़ें-सरगुजा में अवैध खनन का खेल खत्म: मांड–मैनी नदी से 22 गाड़ियां जब्त, रेत माफिया पर भारी कार्रवाई








