Balrampur: Primary school headmaster suspended for misconduct: बलरामपुर: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड कुसमी की शासकीय प्राथमिक शाला बैरडीहखुर्द में प्रधान पाठक बीरबल प्रसाद यादव पर शर्मनाक अनाचार के आरोप साबित होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस घटना को उजागर किया, जिसमें महिला गरिमा का अपमान और बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ साफ दिखा। यह मामला शिक्षा के पवित्र क्षेत्र को कलंकित करने वाला है, जिसकी जांच में सभी आरोप पुष्ट हो चुके हैं।
शाला परिसर में हुई इस घटना का वीडियो स्थानीय लोगों द्वारा रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाला गया, जिसके बाद आक्रोश फैल गया। वीडियो में प्रधान पाठक बीरबल प्रसाद यादव का महिला के प्रति असम्मानजनक व्यवहार और शाला में अनुशासनहीनता स्पष्ट थी, जो शासकीय सेवा आचरण नियमों का घोर उल्लंघन है। जिला शिक्षा अधिकारी की त्वरित जांच टीम ने 48 घंटों में रिपोर्ट तैयार कर निलंबन की सिफारिश की, जिसमें महिला की शिकायत और गवाहों के बयान शामिल थे। निलंबन आदेश में स्पष्ट कहा गया कि यह कार्रवाई बच्चों की सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के प्रति शासन की प्रतिबद्धता दर्शाती है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने वीडियो प्राप्ति के तुरंत बाद प्राथमिक शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच सौंपी। जांच में पाया गया कि आरोपी ने शाला समय में अनाचार किया, जो न केवल नैतिक पतन दर्शाता है बल्कि ग्रामीण बच्चों के भविष्य पर खतरा है। निलंबन के बाद विभाग ने शाला प्रभारी की नियुक्ति कर दी और अभिभावक बैठक बुलाई, जहां सुरक्षा उपायों पर चर्चा हुई। पुलिस ने भी मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो। यह घटना बलरामपुर जिले में शिक्षा विभाग की सतर्कता की मिसाल बनी।
स्थानीय अभिभावकों ने शाला के बाहर प्रदर्शन किया, मांग की कि ऐसे अपराधियों को नौकरी से बर्खास्त किया जाए। महिलाओं ने गरिमा बचाओ अभियान चलाया, जो सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां शिक्षा ही एकमात्र उम्मीद है, ऐसी घटनाएं विश्वास को तोड़ती हैं, लेकिन प्रशासन की फौरी कार्रवाई ने भरोसा बहाल किया। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षकों के लिए नियमित प्रशिक्षण और निगरानी जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
Balrampur: Primary school headmaster suspended for misconduct
यह मामला पूरे छत्तीसगढ़ के शिक्षा तंत्र के लिए है, जहां ग्रामीण शालाओं में संसाधनों की कमी के साथ नैतिकता की चुनौतियां बनी हुई हैं। जिला प्रशासन ने अब सभी शालाओं में सीसीटीवी लगाने और शिकायत पोर्टल सक्रिय करने का ऐलान किया। बीरबल प्रसाद यादव का मामला विभागीय जांच के बाद स्थायी बर्खास्तगी का सामना कर सकता है। समाज को यह सिखाता है कि सतर्कता और त्वरित न्याय ही पवित्र संस्थाओं को सुरक्षित रख सकता है।
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