Balrampur: Pregnant teacher beaten by principal: बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। कुसमी विकासखंड के बसकेपी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्राचार्य मंगना राम ने अपनी सहयोगी व्याख्याता अनिगा लकड़ा (या अनिमा लकड़ा के रूप में उल्लिखित) के साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट की। पीड़िता 9 महीने की गर्भवती हैं, जिससे यह घटना और भी गंभीर हो जाती है।
घटना हाल ही में हुई, जब गर्भवती शिक्षिका ने छुट्टी या अन्य छोटे मुद्दे पर प्राचार्य से बात की। प्राचार्य ने पहले गंदी-गंदी गालियां दीं, फिर सार्वजनिक रूप से स्कूल परिसर में उनकी पिटाई कर दी। पीड़िता भूगोल विषय की व्याख्याता हैं और गर्भावस्था के बावजूद नियमित रूप से स्कूल आ रही थीं, जहां वे छात्रों को पढ़ा रही थीं। यह अमानवीय कृत्य न केवल महिला सम्मान पर आघात है, बल्कि शिक्षा के मंदिर में हिंसा का प्रतीक है।
पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया कि प्राचार्य ने सेवा पुस्तिका खराब करने की धमकी भी दी। घटना के बाद वे रोते हुए गनेशमोड़ चौकी पहुंचीं, जहां उन्होंने लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और पुलिस जांच कर रही है।
अनिगा लकड़ा ने बताया, “मैं 9 महीने की गर्भवती हूं, फिर भी ड्यूटी निभा रही थी। प्राचार्य ने छोटी बात पर गुस्सा किया, गालियां दीं और हाथापाई की।” उन्होंने न्याय की गुहार लगाई है और कहा कि इस घटना से उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है। चिकित्सकों ने उनकी जांच की, लेकिन गंभीर चोटें न होने पर छुट्टी दी। परिवार और सहकर्मी स्तब्ध हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के कार्यालय में हड़कंप मच गया। शिक्षक संघ ने डीईओ से मिलकर प्राचार्य मंगना राम के खिलाफ तत्काल निलंबन और विभागीय जांच की मांग की। जिला अध्यक्ष पवन सिंह ने कहा, “गर्भवती महिला के साथ बदसलूकी अस्वीकार्य है। सख्त कार्रवाई हो।”
शिक्षा विभाग ने प्राचार्य को नोटिस जारी किया है। स्थानीय प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। कलेक्टर और एसपी ने जांच के निर्देश दिए हैं। यह घटना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण शिक्षा तंत्र की कमजोरियों को उजागर करती है।
स्थानीय लोगों, महिला संगठनों और सोशल मीडिया पर प्राचार्य की कड़ी निंदा हो रही है।#बलरामपुर_शिक्षिका_हमला जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा, “शिक्षक ही हिंसा करेंगे तो बच्चे क्या सीखेंगे?” महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। राजनीतिक दल इसे महिला सुरक्षा का मुद्दा बना रहे हैं।
यह घटना बलरामपुर जिले में हाल की अन्य स्कूल हिंसा से जुड़ती है, जैसे कुसमी में प्रधानपाठक निलंबन। समाज में शिक्षकों के आचरण पर बहस छिड़ गई है।
Balrampur: Pregnant teacher beaten by principal
प्राचार्य पर आईपीसी की धारा 323 (मारपीट), 504 (अपमान) और एससीएसटी एक्ट लागू हो सकता है, क्योंकि पीड़िता आदिवासी समुदाय से हैं। विभागीय नियमों के तहत निलंबन निश्चित है। पीड़िता को मुआवजा और सुरक्षा की मांग उठ रही है।
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