बलरामपुर: मोड़ पर नियंत्रण खोया, बोलेरो सीधे पेड़ में घुसी, कई छात्र गंभीर : Balrampur: Lost control at the turn, Bolero rammed straight into a tree, many students seriously injured

Uday Diwakar
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Balrampur: Lost control at the turn, Bolero rammed straight into a tree, many students seriously injured: बलरामपुर:​​।जिले में रविवार देर शाम एक बड़ा और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खैराडीह गांव के पास एक तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी पर से चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप वाहन सड़क किनारे लगे एक विशाल पेड़ से सीधे जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों में से कुछ की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिसके चलते उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया है।मोड़ पर छूटा नियंत्रण, चीख-पुकार से दहला इलाकाप्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा रविवार शाम करीब 7:45 बजे हुआ। छात्रों से भरी बोलेरो गाड़ी जिला मुख्यालय से वापस खैराडीह की ओर जा रही थी। चश्मदीदों के मुताबिक, जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वह सड़क का एक अत्यधिक तीव्र और खतरनाक मोड़ है, और अक्सर यहां वाहनों की रफ्तार धीमी नहीं होती। तेज रफ्तार होने के कारण चालक मोड़ पर अचानक संतुलन खो बैठा। गाड़ी सड़क से फिसलते हुए अनियंत्रित हो गई और ड्राइवर को संभलने का मौका भी नहीं मिला।

यह बोलेरो गाड़ी सीधे सड़क किनारे खड़े एक मजबूत पेड़ से जा भिड़ी।टक्कर की आवाज़ इतनी ज़बरदस्त थी कि कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। बोलेरो का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय निवासी रमेश साहू ने बताया, “हमने पहले एक ज़ोरदार धमाके की आवाज़ सुनी, फिर चीख-पुकार। जब हम मौके पर पहुंचे, तो गाड़ी का रूप देखकर रोंगटे खड़े हो गए। हमने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचित किया और राहत कार्य शुरू किया।”

ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बुरी तरह फंसे हुए छात्रों को बाहर निकाला।घायल छात्रों की पहचान और इलाजपुलिस सूत्रों के अनुसार, बोलेरो में कुल 8 छात्र सवार थे, जिनमें से 5 गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि शेष 3 को मामूली चोटें आई हैं। सभी छात्र स्थानीय कोचिंग संस्थान से जुड़े बताए जा रहे हैं। गंभीर रूप से घायल छात्रों, जिनकी पहचान अजय वर्मा (19) और राहुल सिंह (20) के रूप में हुई है, को सिर और आंतरिक अंगों में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत रायपुर या लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया है, ताकि विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल सके। बाकी घायल छात्रों का इलाज बलरामपुर के जिला अस्पताल में चल रहा है।

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अस्पताल परिसर में देर रात तक छात्रों के परिजनों की भीड़ लगी रही, जो अपने बच्चों की सलामती के लिए चिंतित और परेशान थे।डीएम ने किया अस्पताल का दौरा, दिए जांच के निर्देशदुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए, आज सुबह (सोमवार, 8 दिसंबर) जिले के जिलाधिकारी (DM) ने तत्काल जिला अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने घायल छात्रों से मुलाकात की और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिए कि घायल छात्रों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।

डीएम ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह घटना अत्यंत दुखद है। हमने पुलिस अधीक्षक को इस दुर्घटना की गहन जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि चालक लापरवाही बरत रहा था या वाहन में कोई यांत्रिक दोष था। साथ ही, परिवहन विभाग को भी निर्देशित किया गया है कि वे जिले के तीव्र और खतरनाक मोड़ों पर सड़क सुरक्षा के उपाय जैसे कि चेतावनी बोर्ड (Warning Signs) और रिफ्लेक्टर (Reflectors) तत्काल लगवाएं।”पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाईशंकरगढ़ थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो को ज़ब्त कर लिया है।

पुलिस ने बोलेरो चालक के खिलाफ तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने (आईपीसी की धारा 279 और 337) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में ओवरस्पीडिंग ही दुर्घटना का मुख्य कारण लग रहा है, क्योंकि मौके पर ब्रेक लगने के कोई निशान नहीं मिले हैं। पुलिस टीम चालक की चिकित्सा जांच भी करा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह घटना के समय नशे में तो नहीं था। पुलिस मामले की हर कोण से जांच कर रही है और चश्मदीदों के बयान भी रिकॉर्ड किए जा रहे हैं।

Balrampur: Lost control at the turn, Bolero rammed straight into a tree, many students seriously injured

खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा की दरकारइस हादसे ने एक बार फिर जिले में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खैराडीह गांव के पास वाला यह मोड़ लंबे समय से ब्लैक स्पॉट बना हुआ है, जहां अक्सर छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बावजूद इसके, संबंधित विभागों द्वारा यहां उचित सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन को केवल इस दुर्घटना पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए, बल्कि जिले भर के ऐसे खतरनाक मोड़ों को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित बनाने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की जानलेवा दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वर्तमान में सभी की प्रार्थनाएं घायल छात्रों के शीघ्र स्वस्थ होने पर टिकी हैं।

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