Balrampur Due to the dam breaking about 25 acres of crops were submerged and about 9 cattle and 55 goats died: बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में लुत्तीसढ़शा जलाशय के टूटने की वजह से भारी तबाही मची है। डैम टूटने से तेज बहाव वाली बाढ़ ने आसपास के लगभग 25 एकड़ फसल को पूरी तरह से जलमग्न कर दिया है। किसानों की मेहनत पानी में बह गई और उनका बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके साथ ही इस आपदा में करीब 9 मवेशी और 55 बकरियों की मौत भी हुई है, जिससे पशुपालकों को भी भारी नुक़सान का सामना करना पड़ा।
Balrampur Due to the dam breaking about 25 acres of crops were submerged and about 9 cattle and 55 goats died
भारी बारिश के कारण डैम की दीवारें टूट गईं, जिसके चलते क्षेत्र में जलभराव फैल गया और गांव के कई हिस्से प्रभावित हुए। इस बाढ़ में कई घर भी जलमग्न हो गए या क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे स्थानीय लोग विस्थापित हो गए हैं। प्रशासन द्वारा प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है और राहत कार्य जारी हैं।
लापता हुए लोगों की खोज में SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने इलाके में राहत सामग्री भेजने और पुनर्वास की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। खेत्रीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित इलाकों का मुआयना कर तेजी से मदद मुहैया कराने के निर्देश दे रहे हैं।
यह घटना छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के तातापानी थाना क्षेत्र के ग्राम विश्रामनगर के समीप हुई जहां पुराना जलाशय लगभग 40 वर्षों से था। भारी बारिश और जलाशय के जर्जर हो जाने को इस घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।
सरकार और स्थानीय प्रशासन प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता करने में लगे हुए हैं। आगामी दिनों में प्रभावित फसलों और पशुओं के नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा देने की योजना भी बनाई जाएगी।

यह घटनाक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों की स्थिति और आपदा प्रबंधन की अहमियत को दर्शाता है। स्थानीय प्रशासन के साथ साथ राज्य सरकार ने भी इस आपदा से निपटने के लिए कार्ययोजनाएं बनानी शुरू कर दी हैं।
कुल मिलाकर, बलरामपुर में लुत्तीसढ़शा डैम टूटने से भारी जन-धन की हानि हुई है, जिसमें फसल, livestock और मानव जीवन का भी नुकसान हुआ है। राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं और प्रभावितों को पुनर्वास की ओर कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
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