Balrampur: Class 6 student dies after roof of under-construction Anganwadi center collapses: बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में शारदापुर ग्राम के पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में बड़ा हादसा हुआ। मध्यान्ह भोजन अवकाश के दौरान खेलते 6वीं कक्षा के छात्र आलोक कुमार की निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के छज्जे गिरने से मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर हेड मास्टर ममता गुप्ता को तत्काल निलंबित कर दिया गया।
दोपहर के भोजन अवकाश में आलोक कुमार (पिता: रमेश देवांगन) सहपाठियों संग खेलते हुए स्कूल के पीछे निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन की ओर चले गए। अचानक भवन का छज्जा भरभराकर गिर पड़ा, जिससे आलोक मलबे में दब गए। अन्य छात्रों की चीख-पुकार सुनकर शिक्षक पूजा गुप्ता व ग्रामीण पहुंचे, मलबा हटाकर बच्चे को अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना स्थल पर खून से सना मलबा व टूटे ईंट-पत्थरों का अंबार देख स्तब्धता छा गई। स्कूल में 4 शिक्षक पदस्थ थे, फिर भी छात्रों पर नजर न रखना बड़ी लापरवाही साबित हुई। निर्माण कार्य ग्राम पंचायत के अधीन था, जहां सुरक्षा इंतजामों की कमी उजागर हुई।
संयुक्त संचालक ने घटनास्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। हेड मास्टर ममता गुप्ता पर छात्र सुरक्षा में चूक का आरोप लगाते हुए निलंबन आदेश जारी। अन्य 3 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस दिए गए। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों को निर्माण स्थलों से बच्चों दूर रखने के निर्देश जारी किए।
पुलिस ने सरपंच व सचिव के खिलाफ FIR दर्ज की, क्योंकि भवन निर्माण घटिया सामग्री से हुआ। वाड्रफनगर थाने पर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। कलेक्टर ने मृतक को 5 लाख मुआवजे की घोषणा की।
स्थानीय BJP विधायक ने विधानसभा में मामला उठाने की चेतावनी दी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी निर्माण गुणवत्ता जांच के आदेश दिए।
Balrampur: Class 6 student dies after roof of under-construction Anganwadi center collapses
वाड्रफनगर ब्लॉक में दर्जनों आंगनबाड़ी भवन बन रहे, लेकिन अधिकांश जर्जर निर्माण। छज्जे में आयरन बार की कमी व घटिया सीमेंट हादसे का कारण। ग्रामीणों का आरोप, ठेकेदार ने पैसे लूटे, निगरानी शून्य।
पिछले वर्षों में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में 20+ निर्माण हादसे दर्ज। यह घटना केंद्र सरकार की ‘आंगनबाड़ी पोषण 2.0’ योजना पर कलंक।
कलेक्टर बैठक बुलाई, सभी निर्माण स्थलों पर चेतावनी संबर्धी लगाने व बैरिकेडिंग के आदेश। एसपी ने पुलिस गश्त बढ़ाई। शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर शोक संवेदना दी व दोषियों को सजा का भरोसा दिलाया।
परिजनों ने अंतिम संस्कार से पूर्व मुआवजा व नौकरी की मांग रखी। जांच समिति 7 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी।
यह हादसा ग्रामीण शिक्षा तंत्र की पोल खोलता है। आदिवासी बहुल बलरामपुर में स्कूल सुरक्षा चिंता बढ़ी। अभिभावक डर से बच्चे भेजने को हिचक रहे। विभाग ने ऑनलाइन शिकायत तंत्र मजबूत करने की योजना।
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