Awareness program organized on World AIDS Day at Saraswati Shiksha Mahavidyalaya in Ambikapur: सरगुजा:अंबिकापुर। सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय, सुभाषनगर में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर रेड रिबन क्लब इकाई द्वारा एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में एचआईवी और एड्स के प्रति सही जानकारी और जागरूकता फैलाना, संक्रमण के प्रति सतर्कता बढ़ाना, तथा इस महामारी से ग्रस्त पीड़ितों के प्रति सहानुभूति और सामाजिक समर्थन को प्रोत्साहित करना था। संस्था की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा और विभागाध्यक्ष रानी रजक के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत से की गई। दीप प्रज्वलन की रस्म ने समस्त उपस्थितों को एक आध्यात्मिक और गंभीर माहौल में लाकर जागरूकता के लक्ष्य की महत्ता को रेखांकित किया। इसके बाद मिथलेश कुमार गुर्जर ने कार्यक्रम का परिचय देते हुए विश्व एड्स दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि साझा की। उन्होंने बताया कि विश्व एड्स दिवस की शुरुआत 1988 में हुई थी, जिसका उद्देश्य पूरी दुनिया में इस जानलेवा बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संक्रमण की रोकथाम करना और इस रोग से पीड़ितों के प्रति सहानुभूति को बढ़ावा देना है।
मिथलेश ने समझाया कि एचआईवी/एड्स केवल एक चिकित्सा समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक चेतना का मुद्दा भी है। अक्सर इस बीमारी से जुड़े लोगों के प्रति अस्वीकृति और भेदभाव होता है, जो उन्हें एक सामान्य जीवन जीने से रोकता है। इसीलिए जागरूकता के साथ साथ सामाजिक भ्रांतियों और पूर्वाग्रहों को भी समाप्त करना आवश्यक है।
कार्यक्रम में एक्सपर्ट वक्ताओं ने एचआईवी एवं एड्स के वैज्ञानिक पहलुओं, संक्रमण के तरीके, बचाव के उपाय, और उपचार के विकल्पों पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. अर्चना तिवारी, जो स्थानीय स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी हैं, ने बताया कि एचआईवी एक वायरस है जो मानव की प्रतिरक्षा प्रणाली को क्षतिग्रस्त करता है, जिससे शरीर विभिन्न संक्रमणों और बीमारियों से लड़ने में असमर्थ हो जाता है। उन्होंने कहा कि समय रहते इलाज और नियमित दवा सेवन से रोग नियंत्रण में रखने योग्य है। उन्होंने संक्रमण के मुख्य मार्गों के बारे में भी जागरूक किया – जैसे सुरक्षित यौन संबंध, सुई की सही सफाई, और संक्रमित खून से बचाव।
कार्यक्रम में रेड रिबन क्लब के सदस्यों ने छात्र-छात्राओं के बीच संवाद सत्र भी आयोजित किया। इस सत्र में प्रतिभागियों ने एचआईवी/एड्स से जुड़े मिथकों और अफवाहों के बारे में सवाल पूछे, जिन्हें विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर दूर किया। इस पहल ने छात्रों में सही जानकारी को व्यापक रूप से फैलाने में मदद की।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया और कहा कि समाज में सामाजिक समर्थन एवं समावेशन की भावना को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि एड्स संक्रमित व्यक्तियों को समाज से अलग-थलग करने और उनसे डरने की बजाय, हमें उनके साथ सहानुभूति रखनी चाहिए और उन्हें सामान्य जीवन जीने का मौका देना चाहिए।
Awareness program organized on World AIDS Day at Saraswati Shiksha Mahavidyalaya in Ambikapur
प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा ने कहा कि शिक्षा संस्थान में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों को ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और सहानुभूति की भावना भी विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके लिए उन्हें सही जानकारी एवं प्रोत्साहन देना जरूरी है।
विभागाध्यक्ष रानी रजक ने भी कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता पैदा कर बेहतर नागरिक बनाना भी है। उन्होंने एचआईवी/एड्स जैसी संवेदनशील और महत्वपूर्ण समस्याओं पर खुलकर बात करने के लिए महाविद्यालय की तारीफ की।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर रेड रिबन पहनकर एचआईवी/एड्स के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। रेड रिबन विश्वव्यापी प्रतिक के रूप में इस अभियान को मजबूती देता है, जो लोगों को इस महामारी के खिलाफ जागरूक और संगठित करता है।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के द्वारा प्ले प्रस्तुत किया गया जो एचआईवी संक्रमण के बचाव, सामाजिक सहानुभूति और भ्रांतियों के खिलाफ जागरूकता को दर्शाता था। दर्शकों ने इसे बहुत सराहा और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनते हैं।
इसके अतिरिक्त, महाविद्यालय की बुकलेट और पोस्टर प्रदर्शनी ने भी एचआईवी/एड्स की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई, जिसमें संक्रमण के कारण, रोकथाम के तरीके, और सामान्य मिथकों का खंडन किया गया था। यह पहल छात्रों और आम जनता के लिए लाभकारी साबित हुई।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारियों ने इस आयोजन की प्रशंसा की और आश्वासन दिया कि वे ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से एचआईवी/एड्स के प्रति समाज की समझ को और गहरा करने के लिए निरंतर काम करेंगे।
इस जागरूकता कार्यक्रम ने एचआईवी/एड्स से जुड़ी कई गलतफहमियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, साथ ही स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति समुदाय में सतर्कता और जिम्मेदारी की भावना जगाई। वाहन-पत्र, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से इस कार्यक्रम की व्यापक सूचना भी फैलाई गई ताकि अधिक से अधिक लोग इस संदेश को ग्रहण कर सकें।
इस प्रकार सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय सुभाषनगर का यह जागरूकता अभियान सामाजिक और शैक्षणिक स्तर पर एक मिसाल बन गया है, जो भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की दिशा में प्रेरणा देगा।
यह भी पढ़ें-बलरामपुर: शराबी शिक्षक ने कक्षा 2 के छात्र का चेहरा पीटकर सूजा दिया, DEO ने सस्पेंड किया








