Ambikapur Three injured in a dispute over blocking the road: सरगुजा :सरगुजा जिले के धौरपुर थाना क्षेत्र में रास्ता रोकने को लेकर हुए विवाद ने एक गंभीर घटना का रूप ले लिया, जिसमें आरोपियों ने डंडों से हमला कर तीन लोगों को घायल कर दिया। जब मोहन तिर्की अपने बाड़ी में काम कर रहा था। इसी बीच ट्रैक्टर लेकर दयाशंकर यादव ग्राम से गुजर रहे थे, जिन पर गणेश यादव ने रास्ता पार करने को लेकर विवाद किया। इस दौरान वहां मौजूद पंच कृष्णा सिंह और राजेश कुजूर ने बीच-बचाव किया और विवाद को शांत कराने की कोशिश की।
Ambikapur Three injured in a dispute over blocking the road
लेकिन थोड़ी देर बाद जब कृष्णा सिंह और राजेश कुजूर लौट रहे थे, तभी आरोपित राधेश्याम यादव, दयाशंकर यादव, श्रवण यादव, कपिल देव और सुदर्शन बारिक ने मिलकर गाली-गलौज करते हुए डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में मोहन तिर्की भी घायल हुआ, जो बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की सूचना मिलने पर धौरपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 41/22 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और घटना में प्रयुक्त डंडे भी बरामद किए। गिरफ्तार आरोपी राढ़ेश्याम यादव (55), दयाशंकर यादव (27), श्रवण यादव (30), कपिल देव (55) और सुदर्शन बारिक उर्फ मोटू (27) सभी ग्राम रघुपुर के निवासी हैं।
पुलिस ने इनके खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले की जांच पुलिस निरीक्षक अश्वनी दीवान के नेतृत्व में हो रही है, जिसमें एएसआई रामधनी राम, आरक्षक सुशील मिंज, दिलेश्वर चंद, दिनेश भगत, प्रदीप बखला और श्याम कुमार शामिल हैं।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा कवच सख्त कर दिया है। लोगों से शांति बनाने और विवादों से दूर रहने की अपील भी की गई है। स्थानीय समाज में इस घटना ने तनाव बढ़ा दिया है और प्रशासन सतर्क हो गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
सरगुजा जिला में अब तक ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहां सड़क मार्गों को लेकर विवाद हिंसक रूप लेते हैं। प्रशासन लगातार प्रयासरत है कि क्षेत्र की सुरक्षा एवं शांति बनी रहे। पुलिस ने जनता से सहयोग की अपील की है ताकि वह विवादों को बढ़ाने वाले तत्वों पर नजर रखें और समय रहते सूचना प्रशासन को दें।
यह घटना इस क्षेत्र के सामाजिक और कानूनी वातावरण की पड़ताल भी करती है, जहां अक्सर छोटी-छोटी बातों पर भी सांप्रदायिक और आपसी क्लेश बढ़ जाता है। ऐसे में गांव और कस्बों में सहिष्णुता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की जरूरत होती है।
धौरपुर थाना क्षेत्र में हुई यह हिंसक घटना स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती है, जिसे वे मिलकर स्थानीय समाज के सहयोग से हल करने के लिए प्रयासरत हैं। न्यायालय अपनी प्रक्रिया के अनुसार अपराधियों को दंडित करेगा और प्रभावित लोगों को सुरक्षा तथा न्याय दिलाएगा।
यह भी पढ़ें:- बलरामपुर : डैम टूटने के कारण करीब 25 एकड़ फसल जलमग्न हो गई और लगभग 9 मवेशी तथा 55 बकरियों की मृत्यु हुई








