Ambikapur: Surguja Police adopts zero tolerance against stunt drivers 8 luxury cars seized: सरगुजा:अंबिकापुर ।अंबिकापुर शहर की सड़कों पर तेज रफ्तार, खतरनाक स्टंटबाजी और लापरवाही भरी ड्राइविंग ने लंबे समय से नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल रखा था। सरगुजा पुलिस ने अब इस समस्या पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की सख्त नीति अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली थाने में दर्ज मामले में 8 लग्जरी चारपहिया वाहनों को जब्त कर लिया गया है, जो शहर के व्यस्त चौक-चौराहों पर स्टंट करने वाले रईसजादों और लापरवाह चालकों के खिलाफ मजबूत संदेश है।
पुलिस ने शहर के मुख्य मार्गों जैसे महाराणा प्रताप चौक, स्टेशन रोड, देवीग्राम तिराहा और न्यू बस स्टैंड क्षेत्र में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इन जगहों पर युवक अक्सर लग्जरी एसयूवी और कारों से खिड़कियों से बाहर झुककर स्टंट करते दिखते थे, जिससे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों की जान को खतरा पैदा हो रहा था। कार्रवाई के दौरान 8 लग्जरी वाहन—जिनमें फॉर्च्यूनर, इनोवा और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियां शामिल हैं—जब्त की गईं। कोतवाली थाने में आईपीसी की धारा 279 (लापरवाह ड्राइविंग), 336 (अन्य को खतरा पहुंचाना) और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा ने बताया कि यह अभियान फेयरवेल पार्टियों और युवाओं के बीच सोशल मीडिया रील्स के क्रेज के कारण बढ़ती स्टंटबाजी को रोकने के लिए शुरू किया गया है। स्कूल-कॉलेज के छात्रों द्वारा अवैध काफिले बनाकर इमरजेंसी सायरन बजाने और रैश ड्राइविंग की शिकायतें बढ़ रही थीं। पुलिस ने सभी स्कूल प्राचार्यों को निर्देश जारी किए हैं कि फेयरवेल इवेंट्स के दौरान ऐसी गतिविधियों पर नजर रखें।
स्टंटबाजी का बढ़ता खतरा
अंबिकापुर जैसे छोटे शहर में स्टंटबाजी अब महामारी का रूप ले चुकी है। पिछले एक साल में सड़क हादसों में 20% वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें अधिकांश मामले तेज रफ्तार और स्टंट से जुड़े हैं। युवा सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के लिए खतरनाक वीडियो बनाते हैं, जिसमें खड़ी कार से कूदना, एक हाथ से ड्राइविंग या ग्रुप में रेस लगाना शामिल है। एक घटना में पिछले महीने स्टेशन रोड पर स्टंट के दौरान एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
आंकड़ों के अनुसार, सरगुजा जिले में 2025 में 150 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 40 मौतें स्टंटबाजी से संबंधित रहीं। रईसजादों के पास महंगी गाड़ियां होने से वे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने में संकोच नहीं करते। अभिभावक भी बच्चों को लग्जरी वाहन देकर बिना जिम्मेदारी सौंप देते हैं।
सरगुजा पुलिस ने ‘सड़क सुरक्षा माह 2026’ के तहत यह अभियान तेज कर दिया है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषी पाए जाने पर वाहन जब्ती के साथ जुर्माना, लाइसेंस रद्द और आपराधिक मुकदमे दर्ज होंगे। नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर ने कहा, “शहर की शांति और नागरिक सुरक्षा सर्वोपरि है। स्टंटबाजों के लिए सलाखें ही एकमात्र रास्ता बचा है।” पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर जोर देगी।
आजाद सेवा संघ जैसे सामाजिक संगठनों ने भी पुलिस की सराहना की है और वरिष्ठ एसपी को ज्ञापन सौंपा था। भविष्य में फेयरवेल पार्टियों के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। अभिभावकों से अपील की गई है कि बच्चों को वाहन देते समय ट्रैफिक नियमों की ट्रेनिंग दें। पुलिस ने 50 अतिरिक्त ट्रैफिक वार्डन तैनात कर दिए हैं।
कार्रवाई की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने पुलिस का समर्थन किया। स्थानीय निवासी रामेश्वर सिंह ने कहा, “अंततः पुलिस ने जागरूकता दिखाई। अब सड़कें सुरक्षित होंगी।” वहीं, कुछ युवाओं ने विरोध जताया, लेकिन अधिकांश ने इसे सकारात्मक बताया। व्यापारियों का कहना है कि व्यस्त बाजारों में स्टंट से उनकी दुकानों को नुकसान हो रहा था।
महिलाएं और बुजुर्ग विशेष रूप से राहत महसूस कर रहे हैं। एक महिला ने बताया, “बच्चों को स्कूल ले जाते समय स्टंट से डर लगता था। अब चैन की सांस लेंगे।” यह कार्रवाई अन्य जिलों के लिए उदाहरण बनेगी।
Ambikapur: Surguja Police adopts zero tolerance against stunt drivers 8 luxury cars seized
सरगुजा पुलिस अब जागरूकता कैंपेन चला रही है। स्कूलों में लेक्चर, पोस्टर और रोड शो आयोजित हो रहे हैं। मुख्य संदेश है: “स्टंटबाजी स्टाइल नहीं, सुसाइड है।” अभियान में एनजीओ और स्थानीय प्रशासन शामिल हैं। जिले भर में चेकिंग बढ़ाई गई है।
इस कार्रवाई से अंबिकापुर की सड़कें सुरक्षित बनेंगी। पुलिस की सख्ती से युवा वर्ग में संदेश पहुंचा है। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति सड़क सुरक्षा में कारगर साबित हो रही है। नागरिकों से अपील है कि ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
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