अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन विस्तार का मामला अधर में, सर्वे रिपोर्ट के बावजूद नहीं मिल रही मंजूरी : Ambikapur-Renukut Railway Line Extension Case in Limbo

Uday Diwakar
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Ambikapur-Renukut Railway Line Extension Case in Limbo : अम्बिकापुर : अंबिकापुर से रेणुकूट तक रेल लाइन बढ़ाने का मामला कई सालों से अटका हुआ है। कई बार सर्वे हुआ और लोगों का समर्थन भी मिला, लेकिन फिर भी इस रेल परियोजना को अभी तक अनुमति नहीं मिली है।

अक्टूबर 2023 में रेलवे बोर्ड को इस रेल लाइन की डिटेल रिपोर्ट भेज दी गई थी। कई संगठन और आम लोग लगातार रेल लाइन की मांग उठा रहे हैं, आंदोलन कर रहे हैं और ज्ञापन दे रहे हैं।

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Ambikapur-Renukut Railway Line Extension Case in Limbo

रेलवे और क्षेत्रीय समितियों का कहना है कि अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन बन जाने से रोज करीब 12 हजार यात्री यात्रा कर पाएंगे। माल ढुलाई आसान हो जाएगी और इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस परियोजना को छत्तीसगढ़ विधानसभा, नगर निगम, ग्राम पंचायतों और कई नेताओं का समर्थन मिला है। सबने अपने-अपने स्तर पर प्रस्ताव पास किए हैं और रेल लाइन के पक्ष में आवाज उठाई है। फिर भी, बजट न मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। बरवाडीह मार्ग की तुलना में रेणुकूट मार्ग को ज्यादा बेहतर बताया गया है, लेकिन जरूरी फैसले में देर होती जा रही है।

उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं। व्यापारी, आम नागरिक और कई संगठनों ने रेल मंत्री तक अपनी मांग पहुँचाई है। अगर यह रेल लाइन बन जाती है तो अंबिकापुर सीधे बड़े शहरों से जुड़ जाएगा, जिससे इलाके में विकास और रोजगार के अच्छे अवसर आएँगे। अभी भी बजट और प्रशासनिक मंजूरी की प्रतीक्षा में लोग अपनी माँगें जोर-शोर से उठा रहे हैं।

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