Ambikapur: Excise department raid 63 narcotic injections seized: सरगुजा:अंबिकापुर। सरगुजा संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने नशे के सौदागरों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई तेज कर दी है। बंगाली चौक क्षेत्र के तकिया फिल्टर प्लांट बेनीपुर के पास मुखबिर सूचना पर छापा मारकर 63 नग नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए। दो विक्रेताओं को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कोतवाली थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान आबकारी उड़नदस्ता टीम को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली। सूचना में बताया गया कि तकिया फिल्टर प्लांट बेनीपुर के पास दो युवक नशीले इंजेक्शन की बिक्री कर रहे हैं। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने तत्काल अपनी टीम के साथ मौके पर दबिश दी। छापे में संतोष यादव (निवासी तकिया, थाना कोतवाली अंबिकापुर) और ब्रजेश बरवा (निवासी सन्ना, जिला जशपुर) को 33 नग REXOGESIC INJECTION व 31 नग AVIL INJECTION के साथ धर दबोचा गया। दोनों को कल रात अभिरक्षा में लेकर आज जिला सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी हो गया।
REXOGESIC और AVIL जैसे इंजेक्शन नशीले पदार्थों से युक्त होते हैं, जो व्यसन को बढ़ावा देते हैं। इनकी कीमत बाजार में हजारों रुपये आंकी गई है। आबकारी अधिकारी ने बताया कि आरोपी युवक स्थानीय स्तर पर युवाओं को नशे का शिकार बनाने का काम कर रहे थे।
सरगुजा संभाग में आबकारी उड़नदस्ता टीम पिछले कुछ महीनों से नशीले इंजेक्शन और कफ सिरप के अवैध कारोबार पर नकेल कस रही है। रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने सूरजपुर, अंबिकापुर और जशपुर में दर्जनों छापे मारे हैं। हाल ही में सूरजपुर के उमापुर पंडरीपानी से खलेश्वर राम साहू के पास 93 नग इंजेक्शन बरामद हुए थे। इसी तरह ऑटो चालकों, शिक्षकों और सप्लायर्स को बार-बार पकड़ा गया है। पिछले चार महीनों में 30 से अधिक सफल कार्रवाइयां हो चुकी हैं, जिनमें सैकड़ों नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए।
टीम में आबकारी उपनिरीक्षक तेजराम केहरी, मुख्य आरक्षक रमेश दुबे, नगर सैनिक गणेश पांडे, ओमप्रकाश गुप्ता, महिला सैनिक राजकुमारी सिंह और अंजू एक्का शामिल रहे। पूछताछ में आरोपियों ने बिहार और अन्य राज्यों से इंजेक्शन मंगवाने की बात स्वीकारी है। फरार सप्लायर्स की तलाश तेज हो गई है।
अंबिकापुर और सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शन का चलन चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। युवा वर्ग इन्हें पार्टी, तनाव मुक्ति और सस्ते नशे के नाम पर खरीद रहे हैं। REXOGESIC में पेथिडीन जैसे ओपिओइड होते हैं, जबकि AVIL में फेनिरामाइन मेलेइलेट से लत लगती है। ये इंजेक्शन फार्मेसियों से चोरी या कालाबाजारी के जरिए आते हैं। स्थानीय अस्पतालों में नशा मुक्ति केंद्रों पर मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ये नशीले पदार्थ हृदयाघात, लीवर फेलियर और मानसिक विकारों का कारण बनते हैं।
पिछले साल संभाग में 50 से अधिक नशा संबंधी मौतें दर्ज हुईं, जिनमें अधिकांश युवा थे। महिलाओं और किशोरों में भी इसका प्रसार बढ़ा है। आबकारी विभाग ने जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसमें स्कूल-कॉलेजों में लेक्चर दिए जा रहे हैं।
एनडीपीएस एक्ट की कड़ी धाराएं
आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 22C लागू की गई है, जो नशीले इंजेक्शन की बिक्री के लिए न्यूनतम 10 वर्ष की सजा और भारी जुर्माना निर्धारित करती है। न्यायालय ने दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस और आबकारी टीम संयुक्त रूप से आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल्स और सप्लाई चेन की जांच कर रही है। जशपुर और कोतवाली थानों ने भी अपने क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है।
Ambikapur: Excise department raid 63 narcotic injections seized
जिला कलेक्टर और एसपी ने नशा मुक्ति के लिए विशेष अभियान की घोषणा की है। आबकारी विभाग को मुखबिर नेटवर्क मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय संगठनों ने टीम को सराहना दी तथा और सख्त कार्रवाई की मांग की। बंगाली चौक और तकिया फिल्टर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अब सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
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