Ambikapur: Congress Unveils Martyr Azad’s Statue Ahead of CM Sai: सरगुजा:अंबिकापुर: शहर के आकाशवाणी चौक पर स्थापित शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के आधिकारिक अनावरण से ठीक पहले ही राजनीतिक घमासान खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों निर्धारित समय पर होने वाले लोकार्पण से कुछ घंटे पहले युवा कांग्रेस सरगुजा जिला अध्यक्ष ने देर रात प्रतिमा का अनावरण कर दिया, जिसके बाद यहां राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने से राज्य स्तर पर बहस छिड़ गई है।
आधी रात का सियासी ‘ड्रामा’
जानकारी के अनुसार, सरगुजा जिला अध्यक्ष विकल झा रात करीब 12 बजे अपने समर्थकों के साथ आकाशवाणी चौक पहुंचे। यहां उन्होंने ढंकी हुई प्रतिमा का कवर हटाकर नारियल फोड़ा, अगरबत्ती जलाई और माल्यार्पण कर प्रतीकात्मक अनावरण कर दिया। कार्यकर्ताओं ने उत्साहित नारेबाजी भी की और घटना का वीडियो फौरन सोशल मीडिया पर डाल दिया। इस वीडियो के वायरल होते ही नगर प्रशासन, भाजपा नेताओं और अधिकारियों में हड़बड़ाहट की स्थिति बन गई।
कांग्रेसी नेताओं का आरोप है कि शहर में दोनों प्रतिमाएं लगी हैं—एक शहीद चंद्रशेखर आजाद की आकाशवाणी चौक पर, दूसरी भाजपा के दिवंगत वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक पंडित रविशंकर त्रिपाठी की डीसी रोड चौक पर। उनका तर्क है कि त्रिपाठी जी की प्रतिमा स्थल को “भव्य सजावट” दी गई, जबकि आजाद के नाम पर बने चौक को नगर निगम ने लगभग उपेक्षित रखा गया। इसे लेकर उन्होंने शहीदों के सम्मान में भेदभाव का आरोप लगाया है।
महापौर मंजूषा भगत ने इस घटना को लेकर स्पष्ट नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का आधिकारिक अनावरण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों गुरुवार शाम चार बजे निर्धारित है और इसके लिए सुबह से साज-सज्जा का काम शुरू होना था। उन्होंने पुलिस को शिकायत देते हुए घटना में जांच व कार्रवाई की मांग की है। घटनास्थल पर तुरंत कार्रवाई करते हुए नगर निगम प्रशासन ने अगली सुबह फिर से प्रतिमा को कपड़े से ढक दिया, ताकि आधिकारिक कार्यक्रम निर्धारित फॉर्मेट के अनुसार ही हो सके।
Ambikapur: Congress Unveils Martyr Azad’s Statue Ahead of CM Sai
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री साय का अंबिकापुर दौरा अप्रैल 9 को निर्धारित है, जिसके दौरान वे दोनों प्रतिमाओं का अनावरण करने वाले थे। रविशंकर त्रिपाठी की प्रतिमा का लोकार्पण पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास स्थित चौक पर दोपहर दो बजकर 30 मिनट पर तय है, जबकि शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण शाम चार बजे आकाशवाणी चौक पर किया जाना है। इसी कार्यक्रम के चलते नगर निगम और जिला प्रशासन हर बिंदु पर तैयारी में लगे हुए थे, जब कांग्रेसी नेता ने अपनी तरफ से रात के समय प्रतीकात्मक अनावरण कर राजनीतिक फायर भड़का दिया।
घटना के बाद दोनों पंथों के नेता एक‑दूसरे पर आरोप लगाने में लगे हैं। भाजपा नेताओं और नगर प्रशासन के मुताबिक, प्रतिमा का अनावरण सिर्फ निर्धारित प्रतिनिधियों के हाथों होना चाहिए, किसी भी दल की ओर से असमय अनावरण सार्वजनिक व्यवस्था योजना के खिलाफ है। वहीं, कांग्रेस पक्ष का कहना है कि नगर निगम ने शहीद आजाद के सम्मान के मामले में लापरवाही बरती, इसलिए उन्हें खुद आगे आकर “सम्मान की रक्षा” करनी पड़ी।
अंबिकापुर में इस घटना ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है। अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री साय के आधिकारिक अनावरण कार्यक्रम के दौरान माहौल कैसा रहता है और प्रशासन किस स्तर पर कार्रवाई करता है। साथ ही, दोनों प्रतिमाओं के अलग-अलग सम्मान और दृष्टि को लेकर आगे भी राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है।
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