Ambikapur Congress Burns ED’s Effigy: अम्बिकापुर :पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने गहरी नाराजगी जताई। गिरफ्तारी कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (धनशोधन) मामले में हुई थी, जिसमें चैतन्य बघेल को पांच दिनों के लिए ईडी की हिरासत में रखा गया है।

Ambikapur Congress Burns ED’s Effigy
शनिवार, 19 जुलाई को सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी समेत पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सरगुजा में राजीव भवन से घड़ी चौक तक रैली निकाली गई, जिसमें केंद्र सरकार और ईडी के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए। अंत में ईडी का पुतला जलाकर अपना विरोध प्रकट किया गया। इसी प्रकार, भिलाई सहित अन्य स्थानों पर भी कांग्रेस कार्यकर्ता और युवा सड़कों पर उतर आए।
रायपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक संपन्न हुई, जिसकी अगुवाई प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने की। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत समेत कई वरिष्ठ नेता पहुंचे। कांग्रेस ने 22 जुलाई को छत्तीसगढ़ के पांच संभागों में आर्थिक नाकेबंदी और चक्काजाम की घोषणा की है, ताकि ईडी और केंद्र सरकार की कार्रवाई का प्रतिवाद किया जा सके।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को बिना किसी सूचना या पूछताछ के गिरफ्तार किया गया, जिसे उन्होंने संविधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। उनका कहना था कि यह भारतीय जनता पार्टी की कांग्रेस नेताओं को दबाने की साजिश है। उन्होंने यह भी कहा कि चैतन्य राजनीति में सक्रिय नहीं हैं और इस कदम का उद्देश्य विपक्ष की आवाज कमजोर करना है।

वहीं, सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस आगे क्या करेगी, यह उन्हीं को मालूम है।
कुल मिलाकर, चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और कांग्रेस ने इसे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला कहा है।
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