Ambikapur: Bulldozers demolished illegal constructions on government land in Gulab Colony: सरगुजा:अंबिकापुर। अंबिकापुर शहर के गुलाब कॉलोनी इलाके में गुरुवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नजूल की सरकारी जमीन पर वर्षों से बने अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। बुलडोजर की गर्जना से इलाके में सनसनी फैल गई, जबकि भारी पुलिस बल की मौजूदगी में राजस्व विभाग और नगर निगम की टीम ने कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से अंजाम दिया। यह कार्रवाई सरकारी संपत्ति को मुक्त कराने के उद्देश्य से की गई, जो स्थानीय निवासियों के लिए झकझोरने वाली साबित हुई।
गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में करीब 13 अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाया गया। ये मकान 1982 में बने सरकारी आवासों के अवशेष थे, जिन पर निजी व्यक्तियों ने अतिक्रमण कर लिया था। राजस्व विभाग ने कोर्ट के नए भवन निर्माण के लिए इस नजूल भूमि को खाली कराने का लक्ष्य रखा था, जिसके लिए पूर्व में कई नोटिस जारी किए जा चुके थे। मौके पर पहुंची जेसीबी मशीनों ने मकानों को चंद घंटों में जमींदोज कर दिया, जबकि प्रभावित परिवार अपने सामान को इधर-उधर समेटते नजर आए। कुछ निवासियों ने विरोध की कोशिश की, लेकिन भारी पुलिस बल ने स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखा।
कार्रवाई के दौरान करीब 200 पुलिसकर्मी तैनात रहे, जो नगर निगम और राजस्व अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य में जुटे। एसडीएम और तहसीलदार की अगुवाई में चली यह मुहिम दोपहर से शाम तक चली, जिसमें कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये अतिक्रमण दशकों पुराने थे और इन्हें हटाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी।
कार्रवाई की भनक लगते ही गुलाब कॉलोनी के निवासी अपने घरों से सामान निकालने में जुट गए। महिलाएं और बच्चे रोते-बिलखते दिखे, जबकि पुरुष पुलिसकर्मियों से अपील करते नजर आए। एक प्रभावित निवासी ने बताया, “हमें कई नोटिस मिले थे, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था के बिना यह कार्रवाई अन्यायपूर्ण लग रही है।” कई परिवारों का दावा है कि उनके पास स्टांप पेपर पर जमीन के दस्तावेज हैं, लेकिन प्रशासन ने इन्हें अमान्य ठहराया।
कुछ कब्जाधारियों ने अंतिम नोटिस मिलने के बाद भी पूरा सामान नहीं निकाल पाए, जिससे घरेलू सामान मलबे में दब गया। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन प्रशासन ने साफ कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। यह घटना उन 39 परिवारों की याद दिलाती है, जिनकी वन भूमि पर बने मकान जून 2025 में उजाड़े गए थे।
सुरगुजा जिले में नजूल भूमि पर अतिक्रमण एक पुरानी समस्या है। नगर निगम और राजस्व विभाग समय-समय पर ‘अतिक्रमण हटाओ अभियान’ चला रहे हैं, जैसा कि 2015 से गंगापुर और अन्य इलाकों में देखा गया। कलेक्टर के निर्देश पर यह कार्रवाई तेज हुई है, क्योंकि नजूल भूमि पर पट्टा नवीनीकरण सीमित है और अतिरिक्त कब्जे हटाए जा रहे हैं। वन विभाग की तर्ज पर राजस्व विभाग ने भी सख्ती बरती, जहां 2 एकड़ भूमि मुक्त की गई थी।
अधिकारी ने बताया कि कुल 42 में से 3 कब्जाधारियों ने वैध दस्तावेज दिखाए, बाकी के निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। भविष्य में ऐसी जमीन पर कोर्ट भवन बनेगा, जो जिले की न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करेगा।
स्थानीय निवासियों में दो राय हैं। कुछ ने प्रशासन की सराहना की, कहते हुए कि अवैध कब्जे शहर के विकास में बाधक हैं। वहीं, प्रभावित पक्ष ने राजनीतिक दलों से मदद की गुहार लगाई। विपक्षी नेताओं ने इसे ‘बेदखली के बिना कार्रवाई’ करार दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जो दृश्य की भयावहता दिखाते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि गरीबों के लिए पुनर्वास नीति जरूरी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य की कार्रवाइयों में अल्टीमेटम दिया जाएगा।
Ambikapur: Bulldozers demolished illegal constructions on government land in Gulab Colony
प्रशासन ने घोषणा की कि गुलाब कॉलोनी सहित अन्य नजूल भूमियों पर अभियान जारी रहेगा। नए साल में 72 घंटे का अल्टीमेटम देकर अतिक्रमण हटाए जाएंगे। कोर्ट भवन निर्माण से स्थानीय न्याय व्यवस्था सुधरेगी। यह कार्रवाई चhattisgarh में भूमि सुधार का हिस्सा है, जहां वन और नजूल भूमि मुक्त हो रही है।
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