Ambikapur: Bulldozers Demolish 37 Illegal Houses on Medical College Land: सरगुजा:अंबिकापुर।24 मार्च 2026: सरगुजा जिले के अंबिकापुर शहर में मंगलवार को प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज की बहुमूल्य सरकारी जमीन पर बने 37 अवैध मकानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आरंभ की, जिस दौरान कुछ असंतुष्ट लोगों ने पत्थरबाजी की। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच कार्रवाई सुचारू रूप से चल रही है। यह घटना स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला रही है।
मेडिकल कॉलेज परिसर से सटे इस इलाके में वर्षों से अवैध कब्जे चले आ रहे थे। जिला प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि सरकारी भूमि पर गरीब परिवारों ने झोपड़ियां और पक्के मकान बना लिए हैं, जिससे कॉलेज का विस्तार बाधित हो रहा है। कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन अतिक्रमणकारियों ने अनदेखी की। आखिरकार, जिला कलेक्टर के निर्देश पर यह अभियान शुरू हुआ। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि यह जमीन मेडिकल कॉलेज के नए हॉस्टल और ओपीडी भवन के लिए आरक्षित है।

सुबह 9 बजे शुरू हुई कार्रवाई में पहले 10 मकानों को चिह्नित किया गया। बुलडोजर की गर्जना से इलाका कांप उठा। कुछ महिलाओं और बच्चों ने विरोध जताया, लेकिन पुलिस ने स्थिति नियंत्रित रखी। दोपहर तक 15 मकान ध्वस्त हो चुके थे। अतिक्रमणकारियों के सामान जैसे लोहे की छड़ें, ईंटें और घरेलू सामग्री बरामद हुई। एक मकान से सरकारी फाइलें और कंप्यूटर भी मिले, जिसकी जांच चल रही है। कुल 37 मकानों पर नोटिस पहले ही चस्पा हो चुके थे।
कार्रवाई के दौरान तनाव चरम पर पहुंचा जब 20-25 लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके। एसपी के नेतृत्व में 200 जवान तैनात थे। लाठीचार्ज की नौबत नहीं आई, लेकिन 5 लोगों को हिरासत में लिया गया। स्थानीय विधायक ने प्रशासन का समर्थन किया, कहा कि अवैध कब्जा विकास में बाधक है। वहीं, विपक्षी नेताओं ने गरीबों के पुनर्वास की मांग की।
अंबिकापुर में मेडिकल कॉलेज 2015 से चालू है, लेकिन भूमि विवादों के कारण विस्तार रुका हुआ है। यह इलाका गुलाब कॉलोनी के पास है, जहां पहले भी 39 अवैध निर्माण हटाए गए थे। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान सरकार की ‘अतिक्रमण मुक्त भूमि’ नीति का हिस्सा है। सरगुजा संभाग में पिछले साल 200 से अधिक कब्जे हटाए गए। इस कार्रवाई से कॉलेज को 5 एकड़ जमीन मिलेगी, जहां नया ट्रॉमा सेंटर बनेगा।
अतिक्रमणकारियों का दर्द: प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे दशकों से यहीं रह रहे हैं। एक महिला ने रोते हुए कहा, “हम गरीब हैं, कहां जाएं?” प्रशासन ने पुनर्वास शिविर लगाने का वादा किया। जिला पंचायत ने ईWS आवास योजना के तहत 50 मकान आवंटित करने की योजना बनाई। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश साहू ने कहा, “कार्रवाई जरूरी, लेकिन मानवीय पहलू भूलना गलत।”
Ambikapur: Bulldozers Demolish 37 Illegal Houses on Medical College Land
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि अगले 72 घंटे में शेष मकान हटेंगे। पूरे जिले में सर्वे चल रहा है। नगर निगम ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया। यह घटना महामाया पहाड़ और वन भूमि कार्रवाइयों की याद दिलाती है, जहां 114 मकान तोड़े गए। बुलडोजर एक्शन तेज हो रहा है।
स्थानीय निवासियों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी। कुछ ने विकास का स्वागत किया, तो कुछ ने राजनीतिकरण का आरोप लगाया। पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की। मेडिकल कॉलेज अधीक्षक डॉ. अनिल ने कहा, “जमीन मुक्त होने से मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी।” यह कार्रवाई अंबिकापुर के शहरीकरण को नई दिशा देगी।
यह भी पढ़ें-नकना योजना भ्रष्टाचार मैनपाट








