Ambikapur announces elaborate security and no-drone zone to welcome President Draupadi Murmu: सरगुजा:अंबिकापुर में 20 नवंबर 2025 को आयोजित हो रहे जनजातीय गौरव दिवस के मौका पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को लेकर व्यापक सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। यह कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के रूप में मनाए जाने वाले जनजातीय गौरव दिवस के संदर्भ में बड़ी भव्यता के साथ आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में इस मौके को पूरे देश में आदिवासी समुदाय के सम्मान तथा सांस्कृतिक धरोहर को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष महत्व दिया गया है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में यह आयोजन दो दिवसीय होगा, जिसमें 19 और 20 नवंबर को कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगी और प्रदेश के जनजातीय समुदायों के साथ संवाद करेंगी। कार्यक्रम की सभी तैयारियों की समीक्षा आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने की है। उन्होंने गांधी स्टेडियम में राष्ट्रपति के आगमन हेतु बन रहे हेलीपैड का निरीक्षण किया तथा सुरक्षा, साफ-सफाई, आगमन और निर्गमन मार्ग की स्थिति जांची। इसके बाद वे पीजी कॉलेज मैदान पहुँचे जहां मुख्य समारोह होगा और वहां के सभी व्यवस्थाओं की पूरी समीक्षा की गई।
यह कार्यक्रम न केवल जनजातीय गौरव का प्रतीक होगा बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता का भी समृद्ध प्रदर्शन होगा। कार्यक्रम स्थल पर डोम पंडाल, वीआईपी गेट, यातायात बेरिकेडिंग, स्टॉल सजावट, पेयजल, पार्किंग और बिजली की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं ताकि कार्यक्रम के दौरान कोई बाधा न आए। सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ग्राउंड एवं गांधी स्टेडियम परिसर को “नो ड्रोन फ्लाइंग जोन” घोषित किया गया है, ताकि सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो। प्रशासन ने ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रपति के आगमन से पहले सुरक्षा और अन्य सभी व्यवस्थाएं राष्ट्रपति स्तर के प्रोटोकॉल के अनुरूप पूरी की जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम का संचालन समयबद्ध और व्यवस्थित हो। कार्यक्रम स्थल पर पुलिस सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन चिकित्सा सेवा, आग निवारण व्यवस्था, और यातायात नियंत्रण कड़ी सुरक्षा के तहत रखा गया है। स्थानीय प्रशासन सुरक्षा गाइडलाइंस के पालन पर विशेष नजर रखे हुए है।
राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, अन्य मंत्रीगण, और वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रमुख जनजातीय समुदायों जैसे गोंड, मुरिया, बाद्रा, कुरुख आदिवासी नृत्य, संगीत और लोक संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियां होंगी।
जनजातीय गौरव दिवस के सत्रों में आदिवासी जीवन, उनकी सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक और आर्थिक विकास के मुद्दों पर चर्चाएं होंगी। इस दौरान कई जनजातीय कलाओं की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी जिसमें हथकरघा, मृत्तिका कला, और अन्य पारंपरिक कलाएं प्रदर्शित होंगी। साथ ही, बैगा और गुनिया समुदायों के हथजोड़ सम्मान निधि की शुरुआत भी इसी अवसर पर होगी। यह कार्यक्रम स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए बड़ी पहल माना जाएगा।
सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा, कलेक्टर विलास भोसकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी कार्यक्रम की तैयारियों में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि जनता से अनुरोध है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और कार्यक्रम के दौरान शांति बनाए रखें।
Ambikapur announces elaborate security and no-drone zone to welcome President Draupadi Murmu
यह आयोजन अंबिकापुर के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है क्योंकि 73 वर्षों बाद पहली बार कोई राष्ट्रपति इस क्षेत्र का दौरा कर रही हैं। द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समाज से निकलकर देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनी हैं, इसलिए उनका यह दौरा प्रदेश में जनजातीय गौरव को नई उंचाई देगा।
प्रशासन ने सभी सरकारी एवं अर्ध-सरकारी संस्थानों को सूचित किया है कि 20 नवंबर को जिला प्रशासन से सहयोग करें, विशेषकर यातायात प्रबंधन एवं भीड़ नियंत्रण में सहायक बनें। स्थानीय बाजारों में भी इस दिन थोड़ी बंदिशें रहेंगी ताकि यातायात को सुचारू किया जा सके।
आखिरकार, यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा और आदिवासी समाज की बहुमूल्य धरोहर को देश-विदेश के समक्ष उजागर करेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति इस कार्यक्रम को एक राष्ट्रीय समारोह का रूप देगी।
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