अंबिकापुर: महामाया कोल्ड स्टोर पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई – एक्सपायरी धान, मक्का, सरसों बीज जब्त : Ambikapur: Agriculture department takes major action against Mahamaya Cold Store

Uday Diwakar
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Ambikapur: Agriculture department takes major action against Mahamaya Cold Store: सरगुजा:​​​अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में कृषि विभाग ने एक बड़ा खुलासा करते हुए महामाया कोल्ड स्टोरेज पर छापेमारी की। यहां बड़ी मात्रा में एक्सपायरी हो चुके धान, मक्का और सरसों के बीज जब्त किए गए। व्यापारी इन्हें पैकेट से एक्सपायरी डेट मिटाकर अनजान किसानों को बेचने की तैयारी में था। किसानों की शिकायत पर इंस्पेक्टर सोहन लाल भगत के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।

अंबिकापुर के कृषि विभाग को स्थानीय किसानों से शिकायत मिली कि महामाया कोल्ड स्टोरेज में पुराने और खराब बीजों का स्टॉक किया जा रहा है। विभाग ने तुरंत छापेमारी की योजना बनाई। सुबह होते ही इंस्पेक्टर सोहन लाल भगत अपनी टीम के साथ स्टोरेज पहुंचे। वहां गोदाम के अंदर हजारों पैकेट मिले, जिनमें धान, मक्का और सरसों के बीज भरे थे। कई पैकेटों पर एक्सपायरी डेट मिटाई जा चुकी थी या नए लेबल चिपकाए गए थे।

जांच में पता चला कि ये बीज नामी कंपनियों जैसे महाकोश, पूसा और अन्य ब्रांडों के थे, जो 2024-25 के मौसम के लिए एक्सपायरी हो चुके हैं। कुल जब्त माल की कीमत लाखों में आंकी गई। व्यापारी ने दावा किया कि बीज स्टोरेज में रखे हैं, लेकिन विभाग ने इसे जाली कारोबार का मामला माना। सैंपल लेकर लैब टेस्ट के लिए भेजे गए।

महामाया कोल्ड स्टोरेज का मालिक एक स्थानीय व्यापारी है, जो बीज कारोबार में सक्रिय है। वह एक्सपायरी बीज सस्ते दामों पर खरीदकर पैकेट संशोधित करता था। तारीखें मिटाकर नई डेट स्टिकर लगाए जाते थे। फिर इन्हें खरीफ और रबी मौसम में किसानों को ऊंचे दामों पर बेचा जाता। अंबिकापुर के आसपास के Koriya और Jashpur के किसान इसके निशाने थे। एक किसान ने बताया, “हमें सस्ते बीज का लालच दिया गया, लेकिन बोने पर फसल नहीं आई।”

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विभाग ने स्टोर से 500 क्विंटल से अधिक बीज जब्त किए। रसीदें और खाता-पुस्तिकाएं भी सील कर ली गईं। व्यापारी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने कबूल किया कि बीज पुराने हैं, लेकिन “उपयोगी” बताकर बेचने का इरादा था।

कार्रवाई से पहले कई किसानों ने खराब बीजों से नुकसान की शिकायत दर्ज की। एक किसान संगठन ने कृषि विभाग को पत्र लिखा। इंस्पेक्टर भगत ने कहा, “किसानों की सूचना पर हम सक्रिय हुए। अब सख्ती करेंगे।” Surguja क्षेत्र में रबी फसलों की बुआई चल रही है, इसलिए समय पर कार्रवाई जरूरी थी। किसान नेता रामेश्वर सिंह ने चेतावनी दी कि ऐसे जालसाज फसलों को बर्बाद कर देते हैं।

कृषि विभाग ने भारतीय कृषि बीज अधिनियम 1966 के तहत मामला दर्ज किया। एक्सपायरी बीज बेचना अपराध है, जिसमें 6 माह की कैद या जुर्माना हो सकता है। जिला कृषि अधिकारी ने अन्य स्टोरेज पर भी जांच के आदेश दिए। अंबिकापुर में 20 से अधिक बीज व्यापारियों पर नजर रखी जा रही।

कलेक्टर ने बैठक बुलाई, जिसमें सभी विभागों को निर्देश दिए। अब बाजारों में बीज सत्यापन अभियान चलेगा। लैब रिपोर्ट आने पर आगे कार्रवाई होगी। व्यापारी का लाइसेंस रद्द करने की संभावना है।

Ambikapur: Agriculture department takes major action against Mahamaya Cold Store

पिछले साल दर्जनों किसानों ने इसी स्टोर से बीज खरीदे थे। फसल खराब होने से 10-15 लाख का नुकसान हुआ। विभाग ने प्रभावितों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया। बीमा क्लेम में मदद की जाएगी। किसान यूनियन ने सामूहिक शिकायत का फैसला लिया।

एक्सपायरी बीज अंकुरित नहीं होते, जिससे खेत बंजर हो जाते। हमेशा पैकेट की डेट चेक करें। सरकारी बीज केंद्रों से खरीदें। सरसों और मक्का के बीजों में नमी की जांच जरूरी। Surguja जैसे आदिवासी क्षेत्रों में जागरूकता कम है, इसलिए शिविर आयोजित होंगे।

अंबिकापुर कृषि प्रधान क्षेत्र है। धान, मक्का, सरसों मुख्य फसलें हैं। हर साल खरीफ-रबी में करोड़ों का बीज कारोबार होता। जालसाजी रोकने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू हो। केंद्रीय बीज निगम ने छत्तीसगढ़ में विशेष टास्क फोर्स बनाई। स्थानीय विधायक ने विधानसभा में मुद्दा उठाया।

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