अंबिकापुर: मोमिनपुरा के बाद घुटरापारा में मिले पीलिया के मरीज, 100+ संदिग्ध सैंपल जांच के लिए भेजे : Ambikapur: After Mominpura jaundice patients found in Ghutrapara

Uday Diwakar
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Ambikapur: After Mominpura jaundice patients found in Ghutrapara: सरगुजा:​​​अंबिकापुर।शहर में पीलिया का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जो अब मोमिनपुरा और नवागढ़ पार कर घुटरापारा तक पहुंच चुका है। स्वास्थ्य विभाग के विशेष शिविर में 100 से अधिक संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं। दूषित पानी को मुख्य कारण मानते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

मोमिनपुरा सबसे अधिक प्रभावित इलाका है, जहां पहले 42 से अधिक पुष्ट मामले दर्ज हो चुके थे। नवागढ़ में 8 नए मरीज मिलने के बाद सोमवार को घुटरापारा में 6 और मरीज सामने आए, जिससे कुल संख्या 56 तक पहुंच गई। अलग-अलग बस्तियों से प्रतिदिन मरीज मिलना संकेत दे रहा है कि संक्रमण अब एक पाइपलाइन लीक से कहीं अधिक गंभीर है। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें पेट दर्द, उल्टी, बुखार और पीलिया के लक्षण प्रमुख हैं।

नागरिकों का कहना है कि सप्लाई पानी बदबूदार और गंदा आ रहा है, जिसे नहाने के लिए भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। कई परिवार अब बोतलबंद पानी पर निर्भर हो गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने मोमिनपुरा में लगातार तीसरे दिन विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया, जहां 100+ संदिग्धों के ब्लड सैंपल लिए गए। ये नमूने रायपुर लैब भेजे गए हैं, जबकि स्थानीय माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने घरों से पानी के सैंपल जांचे। रिपोर्ट में ई-कोलाइ बैक्टीरिया और कोलाइटिस की पुष्टि हुई, जो हेपेटाइटिस ए वायरस के फैलाव का कारण है।

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सीएमएचओ पीएस मार्को ने प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमें तैनात की हैं। गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। नागरिकों को उबला पानी पीने, हाथ धोने, साफ-सफाई रखने और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई है। नवागढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की भारी भीड़ देखी जा रही है।

नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत तो शुरू हुई, लेकिन क्लोरीनेशन, एलम और ब्लीचिंग पाउडर की अनियमितता पर आरोप लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने आयुक्त डीएन कश्यप, पार्षदों व स्वास्थ्य टीम के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यदि समस्या केवल एक लीक होती तो संक्रमण सीमित रहता; व्यापक लापरवाही स्पष्ट है।

आयुक्त कश्यप ने जांच टीम गठित कर प्रभावित इलाकों से पानी के नमूने रायपुर भेजे हैं। रिपोर्ट आने पर सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिलाया। फिलहाल टैंकरों से साफ पानी की आपूर्ति शुरू की गई है, साथ ही फॉगिंग व सफाई अभियान चल रहे हैं।

Ambikapur: After Mominpura jaundice patients found in Ghutrapara

कलेक्टर कार्यालय ने हाईअलर्ट जारी किया है। पीएचई विभाग सक्रिय हो गया, जबकि निगम ने जल शुद्धिकरण संयंत्र का विशेष ऑडिट शुरू किया। पार्षदों ने विधायक से हस्तक्षेप की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून बाद सीवर लाइन का पानी पाइपों में घुसा, जिससे यह संकट पैदा हुआ। जिले भर में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

शहरवासियों में दहशत मच गई है। बाजारों में बोतलबंद पानी की बिक्री दोगुनी हो गई। एक प्रभावित महिला ने बताया, “पूरे परिवार में लक्षण दिखे, पानी पीने से ही यह हुआ।” पीलिया लीवर को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए तत्काल उपचार जरूरी है। डॉक्टरों ने ORS, हल्का भोजन और दवाओं पर जोर दिया।

यह प्रकोप अंबिकापुर के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन गया है। जांच रिपोर्ट से असली कारण स्पष्ट होगा। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रित हो सकती है, लेकिन लंबी अवधि में पाइपलाइन नेटवर्क, शुद्धिकरण प्रक्रिया व नियमित जांच जरूरी। जागरूकता से ही इसे रोका जा सकता है।

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