Agreement reached on four demands of Chhattisgarh NHM employees: रायपुर : छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों की करीब एक महीने से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल अब समाप्ति के करीब है। इस हड़ताल का दौर 18 अगस्त 2025 से शुरू हुआ था, जिसमें कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दबाव बना रहे थे। कई बार सरकार और कर्मचारियों के बीच वार्ता हुई, लेकिन अंततः गुरुवार को एक अहम बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ आयोजित चर्चा में महत्वपूर्ण सहमति बनी, जिससे हड़ताल खत्म होने का मार्ग साफ हुआ है।
Agreement reached on four demands of Chhattisgarh NHM employees
बैठक में कुल चार प्रमुख मांगों पर निर्णय हुआ है। इसके अलावा तीन अन्य मांगों पर एक कमेटी गठित की गई है, जो उच्च स्तर पर बातचीत करेगी। एक मंत्री अधिकारी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इन सभी मांगों को ध्यान में रखकर कर्मचारियों के ग्रेड पे में वृद्धि की जाएगी, साथ ही जुलाई 2023 से वेतन वृद्धि का आदेश भी जारी किया जाएगा। ये तथ्य कर्मचारियों के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है और आशा जताई जा रही है कि कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौटेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान साफ किया कि अगर आज कर्मचारियों ने काम पर वापसी नहीं की तो सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। उनकी मंशा साफ है कि हड़ताल जारी रहने की स्थिति में नई भर्तियों के जरिए खाली पदों को भरा जाएगा। यह अल्टीमेटम हड़ताल के कारण उत्पन्न स्वास्थ्य सेवा में बाधा को देखते हुए प्रशासन का सख्त कदम माना जा रहा है।
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से छत्तीसगढ़ में कई स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल प्रभावित हुए हैं। मरीजों को जरूरी चिकित्सा सेवाएं नहीं मिल पा रही थीं, जिससे आम जनता में परेशानी का माहौल था। अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि हड़ताल खत्म होने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर लौटेंगी और मरीजों को राहत मिलेगी।
एनएचएम कर्मचारियों की मांगों में वेतन वृद्धि, नियमितिकरण, ग्रेड पे सुधार, ट्रांसफर पॉलिसी जैसी बातें शामिल थीं। आदर्श और स्थायी सेवा नियमों को लेकर कर्मचारियों की गहरी चिंता थी। पिछले एक महीने में स्वास्थ्य विभाग ने लगातार वार्ता की कोशिश की। कई बार मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों ने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे हड़ताल खत्म करें और स्वास्थ्य सेवा को पटरी पर लाएं।
फिलहाल यह स्थिति बनी है कि कर्मचारियों ने सरकार की कुछ मांगें मान ली हैं जबकि बाकी मुद्दों पर चर्चा के लिए समिति का गठन कर दिया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार भी कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है, और दोनों पक्ष मिलकर कार्य करने को तैयार हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे आज शाम तक काम पर वापसी करें ताकि स्वास्थ्य महकमा सामान्य रूप से काम कर सके। अगर कर्मचारी काम पर लौटते हैं तो उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन अगर हड़ताल जारी रहती है तो सरकार को मजबूरन नई भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करनी पड़ेगी। इससे यह भी संदेश जाता है कि सरकार स्वास्थ्य सेवा के व्यवधान को बर्दाश्त नहीं करेगी।
इस मामले में सरकार की यह कड़ी नीति स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए जरूरी कदम माना जा रहा है। पिछले एक महीने में हड़ताल के कारण स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और रोगी दोनों को नुकसान हुआ है। ऐसे में यह फैसला दोनों के हित में माना जा रहा है।
अंत में कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ के NHM कर्मचारियों और सरकार के बीच यह सहमति एक बड़ी प्रगति है। इसे सफल बनाने के लिए दोनों पक्षों को आपसी समझ और सहयोग से काम करना होगा। अगर कर्मचारी काम पर लौटते हैं तो यह स्वास्थ्य सेवा के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत होगा, जो पूरे प्रदेश के लोगों के लिए राहत का विषय होगा। वहीं, सरकार की कड़ी नीति यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों।
इस प्रकार, छत्तीसगढ़ में NHM कर्मचारियों की हड़ताल समाप्ति की ओर बढ़ रही है और स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार आज शाम तक का वक्त निर्णायक माना जा रहा है। जनता भी उम्मीद कर रही है कि यह समस्या जल्द सुलझेगी और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा सामान्य रूप से शुरू हो जाएगी।
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