ACB-EOW conducts major operation Raids at 13 locations including Ambikapur in Chhattisgarh: सरगुजा:अंबिकापुर।छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर सहित राज्य के 13 विभिन्न स्थानों पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक जबरदस्त कार्रवाई करते हुए भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक एवं भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई पटवारी से लेकर राजस्व निरीक्षक (RI) पदों की 2024 पदोन्नति परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की खबरों के बाद की गई है। इस महाअभियान में भ्रष्टाचार के जड़ से सफाया करने और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने का प्रयत्न किया जा रहा है।
राज्य भर में आयोजित राजस्व पदोन्नति परीक्षा 2024 में पेपर लीक की खबरों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। आरोप थे कि उम्मीदवारों को लाखों रुपये की रिश्वत देकर परीक्षा पास कराया गया, और परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं। इस घोटाले की गम्भीरता को देखते हुए, अधिकारियों ने इस मामले की जांच के लिए EOW और ACB को संयुक्त रूप से तैनात किया।
यह मामला विशेष तौर पर इसलिए चिंता का विषय था क्योंकि सरकारी सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया में जब भ्रष्टाचार होता है, तो सरकारी तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है। दूसरी ओर, इतने बड़े पैमाने पर सार्थक पदोन्नति में भ्रष्टाचार का होना लोक प्रशासन की कार्यक्षमता और न्यायसंगत संचालन में बाधा उत्पन्न करता है।
अंबिकापुर जिला भी इस जांच में एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, जहां कई स्थलों पर तड़के छापे मारे गए। अंबिकापुर में अधिकारियों ने स्थानीय भ्रष्टाचार के सूत्रधारों के ठिकानों को निशाना बनाया, जिन पर परीक्षा संचालन में गड़बड़ी, पेपर लीक और उम्मीदवारों से वसूली जैसे आरोप लगे हैं।
इन छापेमारियों के दौरान संदिग्ध दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, और बैंक खातों से संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। अंबिकापुर में खास तौर पर कुछ लोगों के परिसरों में छापेमारी लागू की गई, जिनका संबंध कथित साथियों व सिंडिकेट से है। अधिकारियों की माने तो इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार के नेटवर्क का भंडाफोड़ होगा और भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत बनाया जा सकेगा।
ये छापेमारी केवल अंबिकापुर तक सीमित नहीं रही, बल्कि रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, महासमुंद, जगदलपुर, गरियाबंद व अन्य जिलों में भी समानांतर कार्रवाई की गई। कुल मिलाकर 13 स्थानों पर छापे मारे गए, जिसमें कई सरकारी कार्यालय, निजी आवास और व्यापारिक प्रतिष्ठान शामिल थे।
इस कार्रवाई से पहले कई अभियुक्तों ने जांच में सहयोग दिखाया, लेकिन कुछ गवाहों तथा संदिग्धों ने मामले को गंभीरता से निभाने में बाधाएं उत्पन्न कीं। इसके कारण EOW और ACB की टीमें सजग होकर सारे सबूत जुटा रही हैं, ताकि सीधे दोषी ठहराए जा सकें।
ACB-EOW conducts major operation Raids at 13 locations including Ambikapur in Chhattisgarh
इस मामले में जांच अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती यह है कि कैसे व्यापक भ्रष्टाचार के सारे जाल को खोला जाए। पेपर लीक का यह मामला केवल कुछ व्यक्तियों का अपराध नहीं, बल्कि एक व्यापक सिंडिकेट का परिणाम माना जा रहा है, जिसके कई उच्च पदाधिकारियों और उम्मीदवारों के व्यापक संलिप्त होने की संभावना है।
सरकारी अधिकारियों और समाज के बड़े हिस्से ने इस जांच अभियान का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता लाने और भ्रष्ट्राचार पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक थी। वहीं, विपक्षी दलों ने सरकार की आलोचना भी की है, कहा कि पहले यह कदम क्यों नहीं उठाए गए।
सरकार ने इस मामले को लेकर अपनी गंभीरता जताई है। कहा जा रहा है कि इस घोटाले की पूरी तह तक जाकर दोषियों को बेनकाब किया जाएगा और भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया जाएगा। आगामी समय में नई परीक्षा आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि न्यायसंगत चयन प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।
सरकार ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है, जो इस मामले की विस्तृत पड़ताल कर रही है। इसके अलावा, EOW और ACB के बीच संयुक्त रूप से इस प्रकार की हर सम्भव गड़बड़ी को रोकने के लिए सतत निगरानी और जांच प्रणाली को मजबूत करने पर काम चल रहा है।
ACB और EOW द्वारा छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर समेत 13 स्थानों पर की गई यह व्यापक छापेमारी सरकारी भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कदम है। यह कार्रवाई केवल एक जांच ही नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता प्रदान करने की दिशा में एक मजबूत संदेश भी है। इससे न केवल भर्ती परीक्षाओं की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि प्रशासन की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
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