A wild elephant calf fell into a well-like pit in the Sitapur forest range: सरगुजा:छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर क्षेत्र के सीतापुर वन परिक्षेत्र के ग्राम सरगा खेजूरपारा में सोमवार सुबह लगभग 4 बजे एक जंगली हाथी का बच्चा पुराने मिट्टी के गड्ढे में गिर गया, जो कि कुआं बनाने के लिए खोदा गया था। गड्ढा लगभग 25 फीट गहरा और पानी व कीचड़ से भरा हुआ था। हाथी के गड्ढे में गिरने की आवाज सुनकर ग्रामीण भयभीत हो गए और घटना की सूचना वन विभाग को दी गई।
A wild elephant calf fell into a well-like pit in the Sitapur forest range
वन विभाग की टीम, जिसमें सीतापुर फॉरेस्ट एसडीओ सपना मुखर्जी और रेंजर विजय तिवारी शामिल थे, तुरंत मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से गड्ढे के किनारे एक ढलान बनाई ताकि हाथी खुद बाहर निकल सके। काफी मशक्कत और स्लोप कटवाने के बाद हाथी का बच्चा सुरक्षित बाहर आ पाया और जंगल की ओर चला गया।
सीतापुर और मैनपाट वन परिक्षेत्र में कुल 12 हाथियों का दल विचरण कर रहा है, जिसमें यह हाथी भी शामिल था। वन विभाग ने ग्रामीणों को हाथियों से सतर्क रहने और उनसे दूर रहने की सलाह दी है। यह घटना उस समय हुई जब हाथी झुंड से अलग होकर गांव से गुजर रहा था, और फिसलन की वजह से उसका संतुलन बिगड़ गया। गड्ढे में फंसने के कारण हाथी ने जोर-जोर से चिंघाड़ कर मदद की गुहार लगाई, जिससे ग्रामीणों की नींद खुली और उन्होंने वन विभाग को सूचना दी।
वन विभाग ने ग्रामीणों की मदद और मशीनरी के सहारे इस रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस प्रकार, जंगली हाथी के बच्चे को बिना किसी चोट के सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे स्थानीय लोग और वन विभाग दोनों ने राहत की सांस ली।
हाथियों के विचरण क्षेत्र में सतर्कता बरतने के लिए मुनादी भी की जा रही है ताकि ग्रामीण और जानवर दोनों सुरक्षित रहें। वन विभाग का दावा है कि वे इसी तरह के मामलों में तत्परता से कार्य कर वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करते रहेंगे। यह रेस्क्यू ऑपरेशन वन्यजीवों के प्रति वन विभाग की जागरूकता और तत्परता का एक उदाहरण है, जिससे जंगल और आसपास के गांवों के लोगों में विश्वास बना रहता है।
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