A horrific bike accident on Surguja NH-43: सरगुजा:अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में नेशनल हाईवे-43 पर शांतिपारा पुलिया के पास रात करीब 8:30 बजे एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना हो गई। दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि सवार चारों युवक सड़क पर दूर तक उछलकर गिर पड़े। हादसे में पोकसरी निवासी भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष और उप सरपंच कमला प्रसाद उर्फ संजय यादव (32) समेत चारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।
दुर्घटना के eyewitnesses के अनुसार, दोनों बाइकें रेस काटते हुए तेज गति से आ रही थीं। संजय यादव अपनी बाइक पर एक अन्य युवक के साथ थे, जबकि दूसरी बाइक पर दो अन्य युवक सवार थे। टक्कर के बाद बाइकें चकनाचूर हो गईं और युवक सैकड़ों फीट दूर जा गिरे। ग्रामीणों ने चीख-पुकार सुनकर पहुंचकर शवों को एनएच से बाहर निकाला, लेकिन तब तक चारों की सांसें थम चुकी थीं। संजय यादव स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेता थे, जो किसान मोर्चा के अलावा ग्राम पंचायत के उप सरपंच के रूप में विकास कार्यों में अग्रणी थे। उनकी मौत से भाजपा कार्यकर्ताओं में गहरा सदमा पहुंचा है।
मृतकों में संजय के अलावा पोकसरी के ही रवि यादव (28), अजय सिंह (25) और एक अन्य युवक मोहन (30) शामिल हैं। सभी स्थानीय निवासी थे और शाम को बाजार से लौट रहे थे। पुलिस ने बताया कि हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार और लापरवाही था। शवों को पोस्टमार्टम के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। एनएच-43 पर ट्रैफिक कुछ घंटों के लिए बाधित रहा, जिसे बाद में सुचारू किया गया। सरगुजा एसपी ने दुर्घटना स्थल का मुआयना किया और हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए।
संजय यादव पोकसरी ग्राम पंचायत के उप सरपंच थे और किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष के नाते नई फसल बीमा योजना और सिंचाई परियोजनाओं पर सक्रिय थे। वे युवा नेता के रूप में जिले में चर्चित थे और ग्रामीणों के बीच काफी लोकप्रिय। उनकी अकस्मात मौत से पंचायत क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया। भाजपा जिला अध्यक्ष ने शोक संदेश जारी कर कहा कि पार्टी ने एक समर्पित कार्यकर्ता खो दिया है। अंतिम संस्कार गुरुवार को पोकसरी में ही किया जाएगा, जिसमें नेता और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
यह हादसा सरगुजा जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की पोल खोलता है। एनएच-43 पर पुलिया क्षेत्र अक्सर हादसों का शिकार रहता है, जहां रफ्तार पर नियंत्रण की कमी है। जिले में पिछले एक वर्ष में 150 से अधिक दुर्घटनाओं में 80 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, जिनमें अधिकांश युवक शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हेलमेट न पहनना, नशा और रेसिंग मुख्य कारण हैं। प्रशासन ने अब एनएच पर स्पीड ब्रेकर लगाने और साइनेज बढ़ाने का ऐलान किया है।
A horrific bike accident on Surguja NH-43
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हादसे वाले स्थान पर सड़क चौड़ीकरण और लाइटिंग सुविधा हो। भाजपा ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की सहायता राशि देने का वादा किया। संजय के परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जो अब विकलांग हो गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि संजय हमेशा युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते थे, लेकिन खुद इसका शिकार हो गए। यह घटना पूरे जिले के लिए सबक है कि रफ्तार पर ब्रेक लगाएं।
पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है, जिसमें बाइक चेकिंग और जागरूकता रथ चलाए जाएंगे। सरगुजा कलेक्टर ने शोक व्यक्त कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। क्षेत्रवासी प्रार्थना सभा आयोजित कर रहे हैं। यह दुखद हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही को चेतावनी देता है।
यह भी पढ़ें-अंबिकापुर गुदरी चौक: लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल के बाहर ट्रांसफार्मर विवाद में हिंसक झड़प, भारी हंगामा