MPPSC प्री-2025 के रिजल्ट पर रोक, हाईकोर्ट ने कहा- परमिशन के बिना जारी ना करें परिणाम : MPPSC Pre-2025 Result Banned

Uday Diwakar
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MPPSC Pre-2025 Result Banned: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित MPPSC प्री एग्जाम 2025 का रिजल्ट बिना परमिशन के घोषित करने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने भोपाल निवासी ममता देहरिया द्वारा दायर याचिका पर राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और आयोग से 15 दिन के अंदर जवाब भी मांगा गया है। याचिका पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

जानकारी के मुताबिक याचिकाकर्ता ममता देहरिया ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 में भाग लिया था। अभ्यर्थी के द्वारा परीक्षा आवेदन जमा करने के बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मध्य प्रदेश राज्य सेवा भर्ती परीक्षा नियम 2015 के कुछ नियमों और प्रावधानों को असंवैधानिक बताया था। उक्त प्रावधान आरक्षित वर्ग के प्रतिभावान कैंडिडेट्स का छूट के नाम पर अनारक्षित वर्ग में चयन बाधित करते हैं।

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MPPSC Pre-2025 Result Banned वकीलों का तर्क- राज्य शासन अनारक्षित वर्ग में चयन से रोक रहा

याचिका पर मंगलवार को चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की। इस दौरान सीनियर एडवोकेट रामेश्वर सिंह ठाकुर और विनायक प्रसाद शाह ने हाईकोर्ट को बताया कि मध्य प्रदेश शासन एक तरफ आरक्षित वर्ग को आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा शुल्क में छूट दे रहा है। वहीं, दूसरी ओर छूट पाने वाले कैंडिडेट्स को मेरिट में उच्च स्थान पाने पर भी अनारक्षित वर्ग में चयन से रोक रहा है। यह संविधान में निहित सामाजिक न्याय की अवधारणा के विपरीत होने के साथ ही कई संवैधानिक प्रावधानों के उलट है।

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अनारक्षित वर्ग में चयन से रोकने वाले प्रावधान रद्द करने योग्य

याचिकाकर्ता के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से स्पष्ट किया गया है कि राज्य कोई ऐसा कानून नहीं बना सकता जो आरक्षित वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों के इस्तेमाल से रोकता है। मध्य प्रदेश सरकार के आरक्षित वर्ग को अनारक्षित वर्ग में चयन से रोकने वाले सभी प्रावधान असंवैधानिक हैं और निरस्त किए जाने योग्य हैं।

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कोर्ट ने एमपी सरकार और MPPSC से जवाब मांगा MPPSC Pre-2025 Result Banned

याचिकाकर्ता की ओर से दी गई दलीलों को कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए याचिका को स्वीकार कर राज्य सरकार और MPPSC को नोटिस जारी किया गया है। कोर्ट ने लोक सेवा आयोग (MPPSC) को निर्देशित किया है कि विज्ञापन और नियमों के अनुसार आयोजित परीक्षाओं के रिजल्ट हाईकोर्ट की अनुमति के बगैर घोषित ना किए जाएं।

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