Jageshwar Yadav Received Padma Shri Award :जशपुर : छत्तीसगढ़ के जग संदेश न्यूज़ द्वारा जागेश्वर यादव जी के साथ वार्तालाप एवं जागेश्वर यादव जी ने अपने जीवन की कई महत्वपूर्ण घटनाओं एवं समाज सेवाओं के बारे में बताया है।
छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिला के रहने वाले श्री जागेश्वर यादव जी को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है और यह स्वयं के प्रेरणा से 1980 में मैं काम शुरू कर दिया था ऐसा बताया है। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के रहने वाले समाज सेवक जागेश्वर यादव को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया है, राष्ट्रपति भवन, दिल्ली में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में जागेश्वर यादव को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय ने उन्हें बधाई दी है।
बिरहोर आदिवासियों के उत्थान के लिए बेहतर कार्य के लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया गया, बगीचा ब्लॉक के भितघरा गांव में पहाड़ियों व जंगल के बीच रहने वाले जागेश्वर यादव 1989 से ही बिरहोर जनजाति के लिए काम कर रहे हैं, उन्होंने इसके लिए जशपुर जिले में एक आश्रम की स्थापना की, साथ ही शिविर लगाकर निरक्षरता को खत्म करने और स्वास्थ्य व्यवस्था लोगों तक पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत की, उनके प्रयासों का नतीजा था कि कोरोना के दौरान टीकाकरण की सुविधा मुहैया कराई जा सकी, इसके अलावा शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिली।

और जागेश्वर यादव ने बताया कि हम लोग बहुत गरीब थे महुआ लाटा खा खा कर स्कूल जाते थे अगर किसी दिन चावल मिल तो खाना खाते थे और नहीं मिला तो ऐसे ही कुछ कुछ खाकर के रह जाते थे स्थिति बहुत खराब थी और परिस्थिति के साथ सभी को बदलना चाहिए और हमारा स्थिति भी बदल गया है।
जागेश्वर यादव जी ने बिरहोर जनजाति के लिए उस समय प्रेरित हुए जब वह देखे कि उनके गांव में बिरहोर जनजाति के लोग और उनके बच्चे को गोदी कर करके घूमते रहते थे वह लोग हमेशा घूमते रहते थे और मैं उन लोगों से पूछा की भैया दीदी हो आप लोग काहे घूमते रहते हैं तो उन लोगों का जवाब आया की हम लोग का पूर्वज ने कभी घर नहीं बनाया ना ही हमारे रहने के लिए घर है तो हम लोग घूमते रहते हैं जहां हम लोग का शाम होता है वही हम लोग का डेरा होता है इस प्रकार से बिरहोर जनजाति के लोगो ने कहा।

Jageshwar Yadav Received Padma Shri Award
बिरहोर जनजाति की अभी की स्थिति
जब से जागेश्वर यादव जी ने बिरहोर जनजाति के लोगों के लिए काम करना शुरू किया है उनके पीछे पड़कर काम करना शुरू किया और उन लोगों को शिविर लगाकर लिखना मतलब कि निरक्षरता को खत्म किया और स्वास्थ्य व्यवस्था लोगों तक पहुंचाने के लिए भी बहुत सारे मेहनत किया और बिरहोर आदिवासी शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार से वंचित थे उनको सभी प्रकार का व्यवस्था दिलाया और अगर आज के दिन में देखा जाए तो बिरहोर जाति के लोगों को सभी प्रकार की सरकारी योजना का लाभ मिल रहा है जितने भी सरकार के लाभ हैं वह सभी प्राप्त हो रहे हैं अटल आवास योजना भी बिरहोर जनजाति को दिया जा रहा है महतारी वंदन योजना और अन्य सरकारी योजना सभी प्रकार की योजनाओं का लाभ इस जनजाति के लोगों को दिया जा रहा है।

ताकि वह आर्थिक रूप से मजबूत हो सके, और उनके बच्चों को अच्छा शिक्षा प्राप्त करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने जागेश्वर यादव जी से समय-समय पर चर्चा करके पूछते हैं कि इस जनजाति के लोगों को और किसकी जरूरत है तो जागेश्वर यादव जी ने इन सभी लोगों के विषय में जो बातें हैं उनकी विकास के लिए जो बातें हैं उन बात को सरकार तक पहुंचाते हैं और सरकार बिरहोर जाती को सभी प्रकार का लाभ पहुंच रही है यहां तक की बिरहोर जनजाति के बच्चों को स्कूल भेजना उनको अच्छा खाना उपलब्ध कराना और भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना जैसे बहुत सारी सुविधाओं से उनको परिपूर्ण किया जा रहा है और अभी उनकी स्थिति काफी हद तक सुधर चुकी है क्योंकि जागेश्वर यादव जी ने अपना पूरा जीवन लगा दिया बिरहोर जनजाति के लोगों की सेवा में।
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